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जन्म के बाद छाई मायूसी, पिता ने छोड़ा अनाथालय… जिंदगीभर झेला दर्द, बाद में इस एक्ट्रेस ने तड़प-तड़पकर तोड़ा दम

बॉलीवुड के गलियारों से न जाने कितनी कहानियां निकली हैं, जिन्होंने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया, कि चमक-दमक के पीछे न जाने कितना दर्द छिपा होता है, ऐसी ही एक कहानी इस खूबसूरत टैलेंटेड एक्ट्रेस की है, जिसका न सिर्फ बचपन, बल्कि जवानी भी दर्द और तकलीफ से भरी रही, और उनका अंत तो ऐसा था, कि हर किसी की आंखों में आंसू दे गया. आइए जानते हैं, हम किस एक्ट्रेस के बारे में बात कर रहे हैं?

वो कोई और नहीं बल्कि इंडियन सिनेमा में 'ट्रेजडी क्वीन' के नाम से मशहूर मीना कुमारी हैं, जिनका नाम आज भी गहरी भावनाओं और शानदार अदाकारी के लिए याद किया जाता है. उनकी एक्टिंग में उनके जीवन का दर्द साफ झलका दिखता है, उन्हें यूं ही ट्रेजेडी क्वीन नहीं कहा गया, ये सिर्फ उनके किरदारों का नहीं, बल्कि उनकी असल जिंदगी का भी सच था.

1 अगस्त 1933 को जन्मीं मीना कुमारी का असली नाम महजबीं बानो था. उनका बचपन खुशहाल नहीं था. कहा जाता है, कि उनके जन्म से पिता खुश नहीं थे, और उन्हें अनाथालय तक छोड़ आए थे. हालांकि, बाद में उन्हें वापस घर लाया गया, लेकिन इस घटना ने उनके जीवन पर गहरा असर डाला.

घर की आर्थिक तंगी ने उन्हें बहुत छोटी उम्र में ही काम करने पर मजबूर कर दिया. महज 4 साल की उम्र में उन्होंने फिल्मों में कदम रखा. जिस उम्र में बच्चे खेलते हैं, उस उम्र में मीना कुमारी कैमरे के सामने थीं. धीरे-धीरे उन्होंने अपने परिवार की जिम्मेदारियां संभालीं, और यही संघर्ष उनके अभिनय की ताकत बन गया.

अपने करियर में उन्होंने कई यादगार फिल्में दीं, जिनमें 'साहिब बीबी और गुलाम', 'पाकीजा' और 'बैजू बावरा' शामिल हैं. उनकी आंखों में दिखने वाला दर्द दर्शकों के दिल को छू जाता था, जिससे उन्हें 'ट्रेजेडी क्वीन' का खिताब मिला.

उनकी निजी जिंदगी भी कम दर्दनाक नहीं थी. फिल्ममेकर कमाल अमरोही से उनकी शादी हुई, लेकिन ये रिश्ता ज्यादा समय तक खुशहाल नहीं रह सका. दोनों के बीच दूरियां बढ़ीं, और आखिरकार उनका रिश्ता टूट गया. इस टूटन ने मीना कुमारी को भीतर से तोड़ दिया था.

अकेलापन और मानसिक तनाव ने उन्हें शराब की ओर धकेल दिया. धीरे-धीरे ये आदत उनकी जिंदगी पर हावी हो गई. उनके पास शोहरत और दौलत सब कुछ था, लेकिन सुकून नहीं था. उनका दर्द अक्सर उनके किरदारों में साफ झलकता था. आखिरकार, ये दर्द उनकी जिंदगी पर भारी पड़ गया. 31 मार्च 1972 को, महज 39 साल की उम्र में मीना कुमारी का निधन हो गया. उनकी मौत लीवर सिरोसिस के कारण हुई थी.

फिलहाल, मीना कुमारी की जिंदगी को देखकर ये कहा जा सकता है, कि चकाचौंध से भरी जिंदगी के पीछे उनका गहरा दर्द छिपा था, जो उनका अदाकारी में साफ दिखता है, और यहील कारण है, कि शायद आज भी उनके किरदार और उनकी कहानी लोगों के जहन में जिंदा हैं.

First published on: Mar 31, 2026 01:52 PM

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