---विज्ञापन---
म्यांमार से भारत पैदल चलकर आई थी ये बॉलीवुड एक्ट्रेस, खाने तक के नहीं थे पैसे; इस सुपरस्टार की है सौतेली मां

बॉलीवुड की 'कैबरे क्वीन' हेलेन की जिंदगी का शुरुआती हिस्सा किसी डरावने सपने जैसा था. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जब जापान ने म्यांमार पर कब्जा किया, तब हेलेन को अपनी मां और भाई के साथ जान बचाने के लिए वहां से भागना पड़ा. गरीबी और भुखमरी के बीच उन्होंने म्यांमार से भारत तक का रास्ता पैदल तय किया. जंगलों और पहाड़ों के बीच से गुजरते हुए इस सफर में उन्होंने अपनों को खोते और खाने के दाने-दाने के लिए तरसते देखा. लेकिन भारत पहुंचने के बाद उन्होंने अपनी मेहनत और डांस के दम पर न केवल गरीबी को मात दी, बल्कि बॉलीवुड में 'कैबरे' और 'आइटम नंबर्स' को एक सम्मानजनक पहचान दिलाई. आज वे सुपरस्टार सलमान खान की सौतेली मां के रूप में एक खुशहाल परिवार का हिस्सा हैं.

म्यांमार से पैदल भारत का सफर- युद्ध के हालातों के चलते हेलेन के परिवार को म्यांमार छोड़ना पड़ा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, नौ महीनों के लंबे और कठिन सफर में वे पैदल चलकर भारत पहुंचीं. इस दौरान उनके भाई की बीमारी और भूख से मृत्यु हो गई थी. भारत आने के बाद शुरुआत में उन्होंने बेहद तंगहाली में दिन गुजारे.

'कैबरे क्वीन' की उपाधि- हेलेन ने 1950 और 60 के दशक में बॉलीवुड में डांस की एक नई परिभाषा लिखी. 'मेरा नाम चिन चिन चू', 'पिया तू अब तो आजा' और 'ओ हसीना जुल्फों वाली' जैसे गानों ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया. उनके जैसा स्टाइल और ग्रेस उस दौर में किसी और एक्ट्रेस के पास नहीं था.

सलीम खान के साथ रिश्ता- हेलेन के जीवन में स्थिरता तब आई जब उनकी मुलाकात मशहूर लेखक सलीम खान से हुई. सलीम खान ने उनकी मदद की और बाद में दोनों ने शादी कर ली. हालांकि सलीम खान पहले से शादीशुदा थे, लेकिन हेलेन ने उनके परिवार के साथ एक बहुत ही सुंदर तालमेल बिठाया.

सलमान खान की सौतेली मां- हेलेन सुपरस्टार सलमान खान, अरबाज और सोहेल खान की सौतेली मां हैं. खास बात यह है कि सलीम खान की पहली पत्नी सलमा खान और उनके बच्चों ने हेलेन को पूरे सम्मान के साथ अपनाया. आज सलमान खान अक्सर सार्वजनिक मंचों पर हेलेन के प्रति अपना प्यार और सम्मान जाहिर करते हैं.

फिल्मों में यादगार अभिनय- सिर्फ डांस ही नहीं, हेलेन ने 'शोले' और 'डॉन' जैसी बड़ी फिल्मों में अपने कैमियो और साइड किरदारों से भी गहरी छाप छोड़ी. उन्हें उनके योगदान के लिए 'पद्म श्री' सम्मान से भी नवाजा जा चुका है.