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The 50: हिट बनने आया था रियलिटी शो, अखाड़ा बनकर रह गया! 50 सेलेब्स के बावजूद क्यों कमजोर पड़ा कॉन्सेप्ट?

रियलिटी शो 'द 50' को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा थी. दावा किया गया था कि यह शो बाकी सभी शोज का रिकॉर्ड तोड़ देगा, लेकिन शुरुआती 5 एपिसोड्स ने दर्शकों को काफी निराश किया है. शो में मनोरंजन की जगह केवल चीखना-चिल्लाना और हाथापाई देखने को मिल रही है. बड़े-बड़े सितारों के होने के बावजूद शो की चमक फीकी पड़ गई है. लोग अब इसके फॉर्मेट और नियमों पर सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह शो वाकई 50 दिनों तक टिक पाएगा.

मनोरंजन से ज्यादा हिंसा पर जोर- शो 'द 50' में इन दिनों टास्क कम और लड़ाइयां ज्यादा देखने को मिल रही हैं. बिग बॉस जैसे शोज को पीछे छोड़ते हुए यहां हिंसा की सारी हदें पार हो गई हैं. हाल ही में रजत दलाल और दिग्विजय के बीच हुई धक्का-मुक्की ने सबको हैरान कर दिया. इसके बाद मैक्सटर्न और अर्चित कौशिक के बीच हुए झगड़े ने शो के माहौल को और खराब कर दिया. दर्शक इसे एक गेम शो कम और अखाड़ा ज्यादा समझ रहे हैं.

नियम और कानून की भारी कमी- शो में कोई सख्त नियम नजर नहीं आ रहे हैं. शुरुआत में जब रजत ने हाथापाई की, तो उन पर कोई कड़ी कार्रवाई नहीं हुई. इसी ढील का नतीजा यह रहा कि दूसरे कंटेस्टेंट्स भी हिंसक होने लगे. हालांकि अर्चित को शो से बाहर कर दिया गया है, लेकिन फिर भी मुखौटे के पीछे छिपे 'लॉयन' का डर खिलाड़ियों में बिल्कुल नहीं दिख रहा है. बिना किसी डर के खिलाड़ी अपनी मनमानी कर रहे हैं

भीड़ में खो रहे हैं बड़े सितारे- शो में 50 कंटेस्टेंट्स होने की वजह से किसी एक को पर्याप्त फुटेज नहीं मिल पा रही है. 1 घंटे के एपिसोड में टास्क, ड्रामा और गॉसिप दिखाना मेकर्स के लिए चुनौती बन गया है. टीवी और भोजपुरी सिनेमा के नामी चेहरे भीड़ का हिस्सा बनकर रह गए हैं. कंटेस्टेंट्स को अपनी पर्सनालिटी दिखाने का मौका ही नहीं मिल रहा है, जिससे दर्शक उनसे जुड़ नहीं पा रहे हैं.

बोरियत भरा और थका हुआ फॉर्मेट- शो का फॉर्मेट दर्शकों को काफी थका हुआ लग रहा है. 5 दिनों के रिव्यू के हिसाब से शो में कुछ भी नया या एक्साइटिंग नहीं है. यहां तक कि शो में बज क्रिएट करने के लिए द ग्रेट खली और हिमेश रेशमिया जैसे दिग्गजों को भी लाया गया, लेकिन उनके आने से भी शो की रेटिंग्स या लोकप्रियता में कोई बड़ा उछाल नहीं देखा गया.

कंटेस्टेंट्स के बीच बढ़ता असंतोष- लगातार बढ़ते एग्रेशन और हिंसा की वजह से शो के अंदर भी नाराजगी बढ़ रही है. कई कंटेस्टेंट्स ने साफ कह दिया है कि अगर सुरक्षा और नियमों का यही हाल रहा, तो वे शो छोड़कर चले जाएंगे. खिलाड़ियों को लगता है कि शो में दिखने के लिए उन्हें सिर्फ लड़ना पड़ रहा है, क्योंकि गेम और टैलेंट पर किसी का ध्यान नहीं है.