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लगातार 11 फ्लॉप के बाद बॉलीवुड छोड़ने वाला था ये सुपरस्टार, फिर एक फिल्म ने पलट दी किस्मत; आज पूरी इंडस्ट्री पर करता है राज

बॉलीवुड के 'शहंशाह' अमिताभ बच्चन आज 82 साल की उम्र में भी बॉक्स ऑफिस पर राज कर रहे हैं, लेकिन एक समय ऐसा था जब लगातार 11 फ्लॉप फिल्मों की मार ने उन्हें इस कदर तोड़ दिया था कि वे मुंबई छोड़कर वापस जाने का मन बना चुके थे. उनकी किस्मत का सितारा तब पलटा जब 1973 में फिल्म 'जंजीर' आई, जिसने उन्हें रातों-रात 'एंग्री यंग मैन' बना दिया.

जब हार मानकर घर लौटने वाले थे 'बिग बी'- 1969 में 'सात हिंदुस्तानी' से करियर शुरू करने वाले अमिताभ बच्चन के लिए शुरुआती सफर किसी बुरे सपने जैसा था. दिग्गज लेखक सलीम खान (सलमान खान के पिता) ने खुलासा किया था कि 'जंजीर' मिलने से पहले अमिताभ की लगातार 11 फिल्में बॉक्स ऑफिस पर ढेर हो गई थीं. वे इतने हताश थे कि उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने और वापस जाने का पूरा फैसला कर लिया था.

सलीम-जावेद की पारखी नजर और 'एंग्री यंग मैन' का जन्म- सलीम खान का मानना था कि अमिताभ की फिल्में इसलिए फ्लॉप नहीं हुई थीं कि वे खराब अभिनेता थे, बल्कि इसलिए क्योंकि उन फिल्मों की क्वालिटी खराब थी. सलीम-जावेद ने अमिताभ की बुलंद आवाज, कद-काठी और उनके भीतर छिपे गुस्से को पहचाना. उन्होंने ही अमिताभ को 'जंजीर' के इंस्पेक्टर विजय के रूप में कास्ट करने की ठानी, जिसने भारतीय सिनेमा को उसका पहला 'एंग्री यंग मैन' दिया.

जब बड़े दिग्गजों ने ठुकरा दी थी 'जंजीर'- दिलचस्प बात यह है कि 'जंजीर' में जिस रोल ने अमिताभ की किस्मत बदली, वह पहले धर्मेंद्र, दिलीप कुमार और देव आनंद जैसे उस दौर के सुपरस्टार्स को ऑफर हुआ था. इन दिग्गजों ने निजी कारणों से इस फिल्म को ठुकरा दिया. सलीम खान इसे 'नियति' (Destiny) मानते हैं कि यह रोल अमिताभ के पास ही जाना लिखा था.

जया बच्चन का वो साथ, जिसने बढ़ाया मार्केट वैल्यू- उस समय अमिताभ का करियर ढलान पर था और कोई भी बड़ी अभिनेत्री उनके साथ काम करने को तैयार नहीं थी. ऐसे में सलीम खान ने ही जया भादुड़ी (अब बच्चन) को फिल्म में लेने का सुझाव दिया, जो उस वक्त की टॉप अभिनेत्रियां थीं. जया के आने से फिल्म की बाजार में साख बढ़ी और इस प्रोजेक्ट को संजीवनी मिली. 'जंजीर' न केवल सुपरहिट रही, बल्कि साल की सबसे बड़ी हिट बनकर उभरी.

82 की उम्र में भी बरकरार है जलवा- आज पांच दशकों के बाद भी अमिताभ बच्चन का प्रभाव कम नहीं हुआ है. 'शोले', 'दीवार' और 'डॉन' जैसी कालजयी फिल्में देने के बाद, आज भी वे 'धुरंधर' और 'कल्कि' जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं. 11 फ्लॉप झेलने वाला वह अभिनेता आज भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा और सम्मानित चेहरा है.