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कौन हैं Thalapathy Vijay की मां? फिल्मी पर्दे से लेकर डायरेक्शन तक… इंडस्ट्री में रहा है इनका दबदबा
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में अपनी पार्टी TVK के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाले विजय के घर में जश्न का माहौल है. विजय की इस असाधारण यात्रा की नींव उनकी मां शोभा चंद्रशेखर ने रखी थी. शोभा तमिल सिनेमा का वह जाना-माना नाम हैं, जिन्होंने संगीत से लेकर निर्देशन और निर्माण तक हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. एक शास्त्रीय गायिका के रूप में करियर शुरू करने वाली शोभा ने न केवल पर्दे के पीछे काम किया, बल्कि विजय के शुरुआती करियर को संवारने में भी बड़ी भूमिका निभाई. उनके संस्कार और कला के प्रति प्रेम ने ही विजय को आज 'जन नायक' के रूप में स्थापित किया है. आइए जानते हैं उस महिला के बारे में, जिसका तमिल इंडस्ट्री में दशकों से दबदबा रहा है.
प्लेबैक सिंगिंग और 'कलईमामणि' पुरस्कार
शोभा एक प्रशिक्षित कर्नाटक संगीत गायिका (Carnatic Vocalist) हैं. उन्होंने तमिल फिल्मों के लिए कई यादगार प्लेबैक सॉन्ग रिकॉर्ड किए हैं. उनके पहले फिल्मी गाने का नाम 'महाराजा ओरु महारानी' था. कला के क्षेत्र में उनके शानदार योगदान के लिए तमिलनाडु सरकार ने उन्हें प्रतिष्ठित कलईमामणि (Kalaimamani) पुरस्कार से भी नवाजा है.
डायरेक्शन और प्रोडक्शन में जलवा
शोभा ने केवल गाया ही नहीं, बल्कि कैमरे के पीछे भी कमाल दिखाया. उन्होंने 'Nanbargal' और 'Innisai Mazhai' जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है. इसके अलावा, वह एक सफल निर्माता भी रही हैं, जिन्होंने करीब 10 फिल्मों को प्रोड्यूस किया है और 50 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स की कहानियां (Screenwriting) लिखी हैं.
बेटे विजय के साथ खास रिश्ता
विजय अपनी मां के बेहद करीब हैं. शोभा ने न केवल विजय की फिल्मों को प्रोड्यूस किया, बल्कि उन्होंने अपने बेटे के साथ डूएट (Duet) गाने भी गाए हैं. विजय के संघर्ष के दिनों में शोभा ही थीं जिन्होंने उन पर अटूट विश्वास दिखाया और उन्हें सुपरस्टार बनाने के लिए जी-जान लगा दी.
एस.ए. चंद्रशेखर के साथ फिल्मी सफर
शोभा और एस.ए. चंद्रशेखर की शादी 24 अप्रैल 1973 को हुई थी. यह जोड़ी न केवल निजी जिंदगी में बल्कि प्रोफेशनल लाइफ में भी साथ रही. जब शोभा ने फिल्में डायरेक्ट कीं, तब उनके पति चंद्रशेखर ने बतौर असोसिएट डायरेक्टर उनका साथ दिया. विजय के अलावा उनकी एक बेटी विद्या भी थी, जिसे उन्होंने मात्र 2 साल की उम्र में खो दिया था.
राजनीति में बेटे की जीत पर खुशी
आज जब विजय तमिलनाडु की राजनीति में एक शक्तिशाली चेहरा बनकर उभरे हैं, तो शोभा के लिए यह गर्व का पल है. उन्होंने हमेशा एक ऐसी मां की भूमिका निभाई है जो लाइमलाइट से दूर रहकर अपने बेटे की ताकत बनी रही. उनकी प्रार्थनाएं अब विजय को मुख्यमंत्री की कुर्सी तक देखने की हैं.