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Thalapathy Vijay की राजनीति का असली ट्रेलर हैं ये 6 फिल्में, ‘जन नायकन’ का नाम भी लिस्ट में शामिल
थलपति विजय का राजनीति में आना कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि उनकी फिल्मों के किरदारों ने समय-समय पर इसके संकेत दिए थे. 2026 के चुनावों में 108 सीटें जीतकर विजय ने यह साबित कर दिया कि पर्दे पर 'जनता का सेवक' बनने वाले इस सितारे पर लोगों का अटूट भरोसा है. उनकी फिल्मों में अक्सर भ्रष्टाचार, किसानों के मुद्दे और कॉर्पोरेट राजनीति के खिलाफ लड़ाई दिखाई गई है. खास तौर पर उनकी विदाई फिल्म 'जन नायकन', जो अभी रिलीज नहीं हुई है, विजय के फिल्मी करियर और राजनीतिक विजन के बीच एक सेतु की तरह देखी जा रही है. आइए जानते हैं विजय की उन 6 फिल्मों के बारे में, जिनमें उनकी राजनीतिक झलक सबसे साफ दिखाई दी...
जन नायकन (2026)
यह विजय के करियर की 69वीं और आखिरी फिल्म है. इस फिल्म में विजय एक ऐसे नेता के रूप में नजर आने वाले हैं जो पूरी तरह जनसेवा को समर्पित है. बता दें कि इस फिल्म को उनके राजनीतिक करियर का 'लॉन्चपैड' माना जा रहा है. हालांकि अभी ये रिलीज नहीं हुई है.
सरकार (2018)
ए.आर. मुरुगदास के निर्देशन में बनी इस फिल्म में विजय ने एक एनआरआई व्यवसायी की भूमिका निभाई थी, जो केवल अपना वोट डालने भारत आता है. जब उसे पता चलता है कि उसका वोट किसी और ने डाल दिया है, तो वह पूरी भ्रष्ट राजनीतिक व्यवस्था से टकरा जाता है.
मेर्सल (2017)
इस ब्लॉकबस्टर फिल्म में विजय ट्रिपल रोल में नजर आए थे. फिल्म में उन्होंने मुफ्त चिकित्सा और स्वास्थ्य सुविधाओं के मुद्दे को उठाकर सरकार और कॉर्पोरेट अस्पतालों की खामियों पर कड़ा प्रहार किया था. इस फिल्म के संवादों ने उस वक्त भी काफी राजनीतिक सुर्खियां बटोरी थीं.
कत्थी (2014)
'कत्थी' में विजय ने डबल रोल निभाया था. फिल्म की कहानी किसानों की जमीन और पानी के संकट के इर्द-गिर्द घूमती है. एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में विजय का संघर्ष इतना प्रभावशाली था कि इसने उन्हें जनता के बीच एक 'मसीहा' के रूप में स्थापित कर दिया.
थलाइवा (2013)
इस फिल्म का टैगलाइन ही 'Time to Lead' था. फिल्म में विजय का किरदार एक अनचाहे गैंगस्टर से एक शक्तिशाली नेता (थलाइवा) बनने तक का सफर तय करता है. यह फिल्म सीधे तौर पर नेतृत्व और जिम्मेदारी की बात करती है.
थमिझन (2002)
विजय के शुरुआती करियर की इस फिल्म में प्रियंका चोपड़ा उनके साथ थीं. इसमें विजय ने एक ऐसे वकील की भूमिका निभाई थी जो कानून की मदद से आम जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ता है. इस फिल्म ने बहुत पहले ही विजय के 'समाज सेवक' वाली छवि की नींव रख दी थी.