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Thalapathy Vijay गणित में निकले कमजोर! सोशल मीडिया पर वायरल हुई 10वीं की मार्कशीट
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में शानदार जीत दर्ज करने के बाद थलपति विजय जल्द ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं. इसी बीच इंटरनेट पर उनकी 10वीं कक्षा की मार्कशीट तेजी से वायरल हो रही है. इस रिपोर्ट कार्ड को देखकर पता चलता है कि फिल्मी दुनिया के 'सुपरस्टार' विजय पढ़ाई-लिखाई के मामले में एक एवरेज स्टूडेंट रहे थे. खास बात यह है कि विजय को सबसे ज्यादा नंबर साइंस और तमिल में मिले, लेकिन गणित (मैथ्स) के मामले में उनका हाथ थोड़ा तंग नजर आया.
सोशल मीडिया पर वायरल हुई मार्कशीट
जैसे ही विजय के राजनीति में आने और मुख्यमंत्री बनने की खबरें तेज हुईं, वैसे ही फैंस ने उनकी पुरानी यादें खंगालना शुरू कर दिया. इसी दौरान उनकी 10वीं की मार्कशीट सामने आई, जिसमें विजय का पूरा नाम और उनके विषयों के नंबर साफ-साफ देखे जा सकते हैं. इस मार्कशीट ने साबित किया कि विजय भी एक आम छात्र की तरह स्कूल की चुनौतियों से गुजरे हैं.
साइंस और तमिल में रहे सबसे आगे
विजय की मार्कशीट से पता चलता है कि उन्हें अपनी मातृभाषा तमिल और विज्ञान (साइंस) से काफी लगाव था. साइंस में उन्हें 300 में से 206 नंबर मिले, जो उनके सभी विषयों में सबसे ज्यादा थे. वहीं तमिल भाषा में भी उन्होंने 200 में से 155 अंक हासिल कर अपनी पकड़ मजबूत दिखाई.
गणित में निकले कमजोर
अक्सर लोग सोचते हैं कि बड़े सितारे हर चीज में परफेक्ट होते हैं, लेकिन विजय के साथ ऐसा नहीं था. मार्कशीट के मुताबिक, उनका गणित में हाथ काफी कमजोर था. उन्हें 200 में से सिर्फ 95 नंबर ही मिले. यह उनके किसी भी सब्जेक्ट में मिले सबसे कम नंबर थे, जिससे साफ है कि वह मैथ्स में एक एवरेज छात्र थे.
अंग्रेजी और सोशल साइंस का स्कोर
बाकी विषयों की बात करें तो अंग्रेजी में विजय ने 200 में से 133 नंबर हासिल किए, जो एक ठीक-ठाक स्कोर माना जाता है. वहीं सोशल साइंस में उन्हें 200 में से 122 नंबर मिले. कुल मिलाकर, उनके नंबरों का ग्राफ यह बताता है कि वे पढ़ाई में न बहुत ज्यादा होशियार थे और न ही बहुत कमजोर.
कुल प्रतिशत और फैंस की प्रतिक्रिया
5 सब्जेक्ट्स के नंबरों को मिलाकर विजय को 1100 में से कुल 711 नंबर मिले थे, जिसका मतलब है कि उन्होंने 10वीं में 65 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे. भले ही वे पढ़ाई में औसत रहे हों, लेकिन उनके फैंस का कहना है कि उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें आज उस मुकाम पर पहुंचा दिया है, जहां नंबर मायने नहीं रखते.