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Prime Video पर मौजूद 8 एपिसोड की सबसे धांसू क्राइम थ्रिलर सीरीज, हर एपिसोड है बेहद दमदार
अंडरवर्ल्ड और रेड लाइट एरिया की कहानियां आपने पहले भी कई देखी होंगी, लेकिन आबिद सूर्ती के मशहूर नॉवेल 'Cages' पर आधारित यह सीरीज आपको एक अलग ही नजरिया देती है. अगर आप प्राइम वीडियो पर एक ऐसी क्राइम थ्रिलर की तलाश में हैं जो आपको अंत तक बांधे रखे और सोचने पर मजबूर कर दे, तो यह सीरीज आपके लिए एक बेहतरीन एक्सपीरियंस साबित होगी.
मजबूत स्क्रिप्ट और डायरेक्शन- निर्देशक रवि जाधव ने इस सीरीज को बेहद सधे हुए तरीके से पेश किया है. पटकथा लेखक चिंतन गांधी और मोहिंदर प्रताप सिंह ने 'Cages' जैसे गंभीर विषय को बहुत बारीकी से लिखा है, जो इसे एक बोरिंग ड्रामा बनने से बचाता है और इसे एक हाई-पेस थ्रिलर बनाता है.
जैकी श्रॉफ का 'कादिर भाई' अवतार- इस सीरीज की सबसे बड़ी ताकत जैकी श्रॉफ हैं. 'कादिर भाई' के किरदार में उन्होंने अपना सिग्नेचर स्टाइल और खौफ दोनों का शानदार मेल दिखाया है. उनका अंदाज पर्दे पर आते ही माहौल में एक अलग ही गंभीरता ले आता है.
कलाकारों का दमदार अंदाज- सीरीज की लीड भूमिका में भूमिका ने गजब का आत्मविश्वास दिखाया है. वहीं, 'कोटा फैक्ट्री' फेम मयूर मोरे ने अपने पिछले किरदारों से बिल्कुल उलट एक चौंकाने वाली एक्टिंग की है. सिकंदर खेर ने भी अपने रोल में काफी गहराई डाली है, जिससे हर किरदार जीवंत लगता है.
कमाठीपुरा की असलियत- सीरीज में रेड लाइट एरिया की जिंदगी को बहुत करीब और बिना फिल्टर के दिखाया गया है. यह दिखाती है कि कैसे पैसों की तंगी और हालात रिश्तों को बदल देते हैं. कुछ दृश्य आपको भावुक करेंगे, तो कुछ आपको समाज की कड़वी सच्चाइयों का सामना करने पर मजबूर कर देंगे.
सस्पेंस का रोमांच- यह सीरीज सिर्फ अंडरवर्ल्ड की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह सहर की जिजीविषा और उसकी 'बचने' की जद्दोजहद है. हर एपिसोड में कुछ ऐसा होता है जो आपकी उत्सुकता को बनाए रखता है. इसका पेस (रफ्तार) इतना सही है कि आप इसे बिना बोर हुए पूरा देख सकते हैं.