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OTT पर मौजूद हैं भारत में बैन ये विदेशी फिल्में, जानिए क्यों लगाई गई इन मूवीज पर रोक?
भारत में हर साल अलग-अलग भाषा की तमाम फिल्में रिलीज होती हैं. इतना ही नहीं कई विदेशी फिल्में भी भारत में हर साल रिलीज होती हैं. कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जो दर्शकों को खूब पसंद आती हैं. हालांकि कुछ ऐसी विदेशी मूवीज भी हैं, जिन्हें भारत में बैन किया गया है. आज हम उन्हीं फिल्मों के बारे में बात करेंगे और जानेंगे कि किस कारण से इनपर भारत में रोक लगाई गई है. तो चलिए जानते हैं इसके बारे में.
फिफ्टी शेड्स ऑफ ग्रे
डकोटा जॉनसन स्टारर हॉलीवुड फिल्म फिफ्टी 'शेड्स ऑफ ग्रे' का नाम इस लिस्ट में पहले स्थान पर है. यह फिल्म अपने सबसे ज्यादा बोल्ड कंटेंट और इंटीमेट सीन्स के कारण बैन भारत में बैन की गई है. हालांकि यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स और जियो हॉटस्टार पर मौजूद है.
द गर्ल विद द ड्रैगन टैटू
फिल्म 'द गर्ल विद द ड्रैगन टैटू' साल 2011 में रिलीज हुई थी. लेकिन इस मूवी को भारत में हद से ज्यादा हिंसात्मक और रेप के सींस के कारण बैन कर दिया था. लेकिन यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स और अमेजन प्राइम वीडियो पर मौजूद है.
द ह्यूमन सेंटीपीड
'द ह्यूमन सेंटीपीड' फिल्म साल 2009 में रिलीज हुई थी. हालांकि यह मूवी भी भारत में बैन कर दी गई थी. फिल्म को भारत में हद से ज्यादा हिंसात्मक सींस, अमानवीय एक्सपेरिमेंट, यौन उत्पीड़न जैसे सींस के कारण इसे बैन कर दिया गया था. ये फिल्म प्राइम वीडियो पर मौजूद है.
इंडियाना जोन्स एंड द टेंपल ऑफ डूम
1981 में रिलीज हुई फिल्म 'इंडियाना जोन्स एंड द टेंपल ऑफ डूम' भी भारत में बैन है. इस फिल्म को भारत में इसलिए बैन किया गया था, क्योंकि इसमें भारतीय कल्चर को गलत तरीके से दिखाया गया था. इस मूवी को डिज्नी प्लस और नेटफ्लिक्स पर देखा जा सकता है.
केनिबल फेरोक्स
1981 में आई मूवी 'केनिबल फेरोक्स' भी भारत में बैन है. यह फिल्म एनिमल क्रुएल्टी सींस, हद से ज्यादा हिंसात्मक सींस के कारण बैन कर दी गई थी. ये फिल्म प्राइम वीडियो पर मौजूद है.