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OTT पर सबकी बाप है 8 एपिसोड की ये तगड़ी सीरीज, क्लाइमेक्स देख आ जाएगा मजा
ओटीटी के दौर में अब बड़े पर्दे के सितारे भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की ताकत पहचान चुके हैं. शाहिद कपूर ने सीरीज 'फर्जी' के जरिए अपना धमाकेदार डिजिटल डेब्यू किया है. 'द फैमिली मैन' जैसी कल्ट सीरीज बनाने वाली राज एंड डीके की जोड़ी ने इस बार सस्पेंस, क्राइम और ब्लैक कॉमेडी का ऐसा मेल बिठाया है, जिसने दर्शकों को स्क्रीन से चिपके रहने पर मजबूर कर दिया है. जाली नोटों के काले कारोबार की यह कहानी और इसमें शाहिद कपूर व विजय सेतुपति की 'चूहे-बिल्ली' वाली जबरदस्त दौड़ इसे अमेज़न प्राइम वीडियो की सबसे सुपरहिट सीरीज बनाती है.
कलाकार से 'किंग ऑफ काउंटरफीट' तक
कहानी सनी (शाहिद कपूर) की है, जो एक नाकाम कलाकार है, लेकिन स्केचिंग में उसका कोई सानी नहीं. अपने नाना के प्रेस को बचाने की मजबूरी उसे अपराध की दुनिया में धकेल देती है, जहाँ वह अपने दोस्त फिरोज (भुवन अरोड़ा) के साथ मिलकर ऐसे जाली नोट छापता है जिन्हें पकड़ पाना मशीनों के लिए भी नामुमकिन है.
विजय सेतुपति का जबरदस्त स्वैग
साउथ सुपरस्टार विजय सेतुपति ने टास्क फोर्स ऑफिसर माइकल के किरदार में जान फूंक दी है. उनकी टूटी-फूटी हिंदी, अनोखी कॉमिक टाइमिंग और जाली नोटों के सिंडिकेट को खत्म करने का जुनून इस सीरीज को एक अलग ही लेवल पर ले जाता है.
के.के. मेनन का खौफनाक अंदाज
विलेन के तौर पर के.के. मेनन ने एक बार फिर साबित किया कि वे अभिनय के जादूगर हैं. 'मंसूर दलाल' के रूप में उनका स्टाइल और खतरनाक अंदाज सनी की मुश्किलों को और बढ़ा देता है. वहीं राशि खन्ना ने एक तेज-तर्रार ऑफिसर के रूप में अपनी भूमिका के साथ पूरा न्याय किया है.
'द फैमिली मैन' से कनेक्शन
राज एंड डीके ने इस सीरीज में फैंस के लिए एक बड़ा सरप्राइज दिया है. सीरीज के दौरान श्रीकांत तिवारी (मनोज बाजपेयी) का वॉयस कैमियो यह साफ कर देता है कि 'फर्जी' और 'द फैमिली मैन' एक ही सिनेमैटिक यूनिवर्स का हिस्सा हैं. इसने फैंस के बीच भविष्य में क्रॉसओवर की उम्मीदें जगा दी हैं.
क्यों देखें यह सीरीज?
अगर आप अपराध की दुनिया की बारीकियां, हाई-टेक जासूसी और कड़क डायलॉग्स पसंद करते हैं, तो 'फर्जी' आपके लिए बेस्ट है. यह सीरीज दिखाती है कि कैसे एक मध्यमवर्गीय इंसान का टैलेंट अगर गलत दिशा में मुड़ जाए, तो वह पूरे सिस्टम की चूलें हिला सकता है.