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OTT पर गर्दा उड़ा रही 2 घंटे 2 मिनट की तगड़ी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म, कहानी का क्लाइमेक्स है काफी जबरदस्त
क्राइम-थ्रिलर के शौकीनों के लिए ओटीटी पर मौजूड 'धोखा: राउंड द कॉर्नर' बेहतरीन फिल्म है, जो रिश्तों के उतार-चढ़ाव और दिमागी खेल (Mind Games) पर आधारित है. फिल्म की कहानी यथार्थ (आर. माधवन) और सांची (खुशाली कुमार) के इर्द-गिर्द घूमती है. कहानी में मोड़ तब आता है जब एक खूंखार आतंकवादी सांची को उसके ही घर में बंधक बना लेता है. लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ऑफिसर मलिक (दर्शन कुमार) मामले की जांच करते हैं, परतों के नीचे छिपे कई राज बाहर आने लगते हैं. क्या सांची वाकई एक पीड़ित है, या वह खुद इस खेल की मास्टरमाइंड है? फिल्म का हर सीन एक नया सस्पेंस लेकर आता है, जो दर्शकों को आखिरी मिनट तक बांधकर रखता है.
धोखे का जाल और सस्पेंस
फिल्म का नाम ही इसके प्लॉट को बखूबी बयां करता है. यह फिल्म सिर्फ एक आतंकवादी हमले की कहानी नहीं है, बल्कि यह इंसानी फितरत और झूठ की परतों को दिखाती है. फिल्म की स्क्रिप्ट को इस तरह बुना गया है कि दर्शक अंत तक उलझे रहते हैं.
आर. माधवन और खुशाली कुमार की दमदार एक्टिंग
आर. माधवन ने हमेशा की तरह अपनी संजीदा अदाकारी से फिल्म में जान फूंक दी है. वहीं, अपनी पहली फिल्म में खुशाली कुमार ने एक 'मेंटल डिसऑर्डर' से जूझ रही महिला के जटिल किरदार को बहुत ही सहजता से निभाया है.
ओटीटी पर मिली नई पहचान
सिनेमाघरों में भले ही यह फिल्म (20 करोड़ का बजट) उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाई हो, लेकिन ओटीटी पर रिलीज होने के बाद इसे जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है. आज इसे बेहतरीन 'अंडररेटेड' थ्रिलर्स की लिस्ट में गिना जाता है.
दर्शन कुमार का बैलेंसिंग रोल
'द कश्मीर फाइल्स' फेम दर्शन कुमार ने एक पुलिस अधिकारी के रूप में बेहतरीन काम किया है. उनका किरदार फिल्म के सस्पेंस को संभालने और दर्शकों को तार्किकता (Logic) से जोड़े रखने में अहम भूमिका निभाता है.
वो क्लाइमेक्स जो हैरान कर देगा
इस फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी इसका 'ट्विस्टेड क्लाइमेक्स' है. जब आपको लगेगा कि पहेली सुलझ गई है, तभी कहानी एक ऐसा पलटी खाएगी कि आप दंग रह जाएंगे. इसका अंत काफी इमोशनल और चौंकाने वाला है.