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‘जज को हल्के में न लें..’, Rajpal Yadav को चेक बाउंस केस में HC ने सुनाई खरी-खोटी, बोले- ‘आप समय बर्बाद..’

राजपाल यादव बीते कई महीनों से चर्चा में बने हुए हैं. एक्टर 9 करोड़ के चेक बाउंस मामले में खबरों में छाए हुए हैं. वहीं, 2 अप्रैल को राजपाल के इस केस को लेकर सुनवाई थी और दिल्ली हाई कोर्ट ने इसपर अपना फैसला सुरक्षित रखा है. इतना ही नहीं राजपाल सुनवाई के दौरान काफी भावुक भी नजर आए, जिसके बाद जज ने उनकी बातें सुनकर जमकर फटकार भी लगाई. साथ ही दोनों पक्षों के बीच किसी भी तरह का समझौता भी नहीं हुआ, जिसके कारण कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा.

दरअसल, 2 अप्रैल को दिल्ली हाई कोर्ट राजपाल यादव के मामले की सुनवाई हुई थी. इस मामले की सुनवाई जज स्वर्ण कांता शर्मा ने की. जिन्होंने एक्टर के बकाया राशि न चुका पाने को लेकर उनके बर्ताव पर नाराजगी जाहिर की. जज ने कहा, "मुझे अपने सवालों के जवाब नहीं मिल रहे हैं. पहले आपने कुछ और कहा था और अब आप कुछ और कह रहे हैं. " इतना ही नहीं जज ने राजपाल यादव पर कोर्ट का समय बर्बाद करने को लेकर भी फटकार लगाई. उन्होंने कहा कि अगर उनके साथ जज अच्छे से पेश आ रहे हैं, जिसका मतलब ये बिल्कुल नहीं कि उन्हें कमजोर समझा जाए.

जस्टिस ने राजपाल यादव पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अगर वो पैसे चुका देंगे तो यह मामला आज के आज समाप्त हो जाएगा वरना पुराने फैसले को सुरक्षित किया जाएगा. इस दौरान जज ने उनसे फिर से कहा कि अगर आप पैसे देने को तैयार हैं, तो आपके वकील ये क्यों कह रहे हैं कि हम जेल जा चुके हैं, तो पैसे नहीं देंगे? जज ने आगे कहा, 'अगर आप पैसे देने को तैयार हैं, तो मैं इस मामले की सुनवाई क्यों कर रही हूं? पैसे दे दीजिए.

वहीं, इस मामले में शिकायतकर्ता की ओर से वकील अवनीत सिंह सिक्का ने कहा कि एक्टर ने पहले ही अपनी गलती स्वीकार कर ली है और अब वह दायित्व से बच नहीं सकते हैं. साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि अभी भी 7.75 करोड़ रुपये देने बाकी हैं. लेकिन इस बीच जब राजपाल यादव से दोबारा पैसे देने के लिए पूछा गया तो वह अपनी बातों से फिर पलट गए. उन्होंने कहा कि दूसरी पार्टी 3 महीने की सजा दिलवा चुकी है, जिसका उन्हें जवाब देना होगा. इसपर कोर्ट उनकी बात सुन गुस्सा हुआ और कहा कि वह अपनी बात से फिर से पलट रहे हैं. फिर जज ने दोनों ही पार्टियों को बात करने के लिए 5 मिनट का समय दिया ताकि वे समझौता कर सकें. लेकिन इसका कोई परिणाम नहीं निकला.

इसके बाद जज ने राजपाल से बकाया रकम देने को लेकर कहा कि वह एक साथ देने को तैयार हैं. इसपर एक्टर ने कोर्ट से 30 दिनों का समय मांगा, लेकिन फिर से कोर्ट ने इनकार कर दिया और कहा, "नहीं मतलब बिल्कुल नहीं. मैं अपना फैसला सुरक्षित रख लूंगी. मैं अब और समय नहीं दूंगी. पहले यह तय कीजिए आप कितने पैसों पर समझौता करना चाहते हैं."

जिसके बाद दूसरे पक्ष के वकील सिक्का ने कहा कि समझौता करने के लिए 6.25 करोड़ रुपये जमा करने होंगे. लेकिन इसपर एक्टर के वकील ने कहा कि अभी 5.75 करोड़ रुपये बाकी हैं. सिक्का ने इसपर जवाब दिया कि 6 करोड़ रुपये स्वीकार करने को तैयार हैं. जिसपर राजपाल यादव बातें सुन भावुक हो गए और कहने लगे, " उन्होंने मेरे 17 करोड़ रुपये ले लिए हैं. मैं फिर से कोर्ट जाने को तैयार हूं. मुझे अपने 5 फ्लैट भी बेचने पड़े हैं. मैं भावुक नहीं हूं. मुझे 5 बार और जेल भेज दो." हालांकि इसके बाद राजपाल यादव को चुप करवाया गया और अदालत ने एक निर्धारित समय सीमा के अंदर 3 करोड़ रुपये का भुगतान करने का सुझाव दिया. साथ ही साफ किया कि यह केवल एक ज्यूडिशियल ऑफर था, वाइंडिंग समझौता नहीं. जज ने इसके बाद कोर्ट का समय बर्बाद करने को लेकर भी वॉर्निंग दी.

बता दें कि राजपाल यादव का चेक बाउंस मामला साल 2012 से जुड़ा है. उन्होंने अपनी फिल्म अता पता लापता बनाने के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कंपनी से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. जो कि बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से फ्लॉप रही थी. राजपाल समय रहते हुए पैसे नहीं लौटा पाए और इसके बाद इसपर ब्याज बढ़कर 9 करोड़ रुपये हो गया. जिसके बाद कोर्ट में केस हुआ. एक्टर को 5 फरवरी 2026 को तिहाड़ जेल भी जाना पड़ा. दस दिनों तक तिहाड़ में रहने के बाद उन्हें 17 फरवरी को जेल से अंतरिम जमानत मिली. इसके बाद 2 अप्रैल को सुनवाई हुई.