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बॉलीवुड का वो एक्टर, जो बना था नेशनल क्रश; एक साथ मिलीं 40 फिल्में, फिर भी कहलाया ‘मनहूस’
बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया में किसी कलाकार का रातों-रात स्टार बन जाना जितना आसान लगता है, यहां अपनी सफलता को बरकरार रखना उतना ही मुश्किल है. साल 2000 में आई एक ब्लॉकबस्टर फिल्म से लड़कियों के दिलों की धड़कन बने एक हैंडसम अभिनेता ने अपनी नीली आंखों और मासूम मुस्कान से पूरे देश को दीवाना बना दिया था. इस स्टारडम का आलम यह था कि उन्हें एक साथ 40 फिल्में ऑफर हो गईं, लेकिन फिर किस्मत ने कुछ ऐसा रुख बदला कि जिस इंडस्ट्री ने उन्हें सिर आंखों पर बिठाया था, वही उन्हें 'मनहूस' कहने लगी.
फिल्म 'मासूम' से बाल कलाकार के रूप में की थी शुरुआत
जुगल हंसराज ने महज 10 साल की उम्र में साल 1983 की मशहूर क्लासिक फिल्म 'मासूम' से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अपने अभिनय करियर का आगाज किया था. पूर्व क्रिकेटर प्रवीण हंसराज के बेटे जुगल ने क्रिकेट की पिच को छोड़कर कैमरे के सामने आने का फैसला किया था. फिल्म में नसीरुद्दीन शाह और शबाना आजमी जैसे दिग्गज कलाकारों की मौजूदगी के बावजूद उन्होंने अपनी जबरदस्त मासूमियत से हर किसी का ध्यान खींचा था.
'मोहब्बतें' फिल्म से रातों-रात बने देश के नेशनल क्रश
बतौर लीड एक्टर जुगल हंसराज के करियर का सबसे सुनहरा दौर साल 2000 में आया, जब उन्होंने आदित्य चोपड़ा की सुपरहिट फिल्म 'मोहब्बतें' में समीर शर्मा का किरदार निभाया. इस फिल्म में अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान जैसे महानायकों की मौजूदगी के बाद भी जुगल और किम शर्मा की रोमैंटिक केमिस्ट्री दर्शकों को बेहद पसंद आई और वे रातों-रात देश के नेशनल क्रश बन गए.
एक साथ 40 फिल्में कीं साइन लेकिन मिला 'अनलकी' का टैग
'मोहब्बतें' की अपार सफलता के बाद जुगल हंसराज की डिमांड बॉलीवुड में अचानक बहुत बढ़ गई और उन्होंने एक साथ करीब 40 फिल्में साइन कर लीं. लेकिन उनकी बदकिस्मती ऐसी रही कि इनमें से ज्यादातर फिल्में या तो कभी फ्लोर पर नहीं आ पाईं या फिर शुरू होने के बाद बीच में ही बंद हो गईं. फिल्मों के इस तरह डिब्बाबंद होने के कारण बॉलीवुड के गलियारों में उन्हें 'मनहूस' या अनलकी तक कहा जाने लगा.
तानों को भुलाकर निर्देशन और लेखन में आजमाया हाथ
इंडस्ट्री में लगातार मिलने वाले तानों और अनलकी कहे जाने के बावजूद जुगल हंसराज ने कभी हिम्मत नहीं हारी. उन्होंने इन नकारात्मक बातों को अपने दिल से नहीं लगाया और हमेशा सकारात्मक सोच बनाए रखी. एक्टिंग में मनमुताबिक सफलता न मिलने पर उन्होंने डायरेक्शन के क्षेत्र में कदम रखा और 'रोडसाइड रोमियो' व 'प्यार इम्पॉसिबल' जैसी फिल्मों का निर्देशन करने के साथ-साथ लेखन में भी अपनी किस्मत आजमाई.
न्यूयॉर्क में बसे और इब्राहिम अली खान की फिल्म से की वापसी
जुगल हंसराज इस समय अपनी पत्नी जैस्मीन के साथ न्यूयॉर्क में एक शांत जिंदगी बिता रहे हैं और प्रोजेक्ट्स के सिलसिले में भारत आते रहते हैं. हाल ही में उन्होंने सैफ अली खान के बेटे इब्राहिम अली खान की फिल्म 'नादानियां' से पर्दे पर वापसी की थी. हालांकि इस फिल्म को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिला और जुगल को सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा, लेकिन फैंस के दिलों में उनकी नीली आँखों का जादू आज भी बरकरार है.