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चंबल के डाकुओं के बीच फंस गई थी बॉलीवुड की ये खूबसूरत एक्ट्रेस, आजादी के बदले रखी थी अजीबोगरीब शर्त
मीना कुमारी एक ऐसी अभिनेत्री थीं, जिनकी आंखों में डूबकर लाखों लोग अपना गम भूल जाते थे. लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनकी एक झलक पाने के लिए चंबल का एक खूंखार डाकू किसी भी हद तक जाने को तैयार था? यह किस्सा तब का है जब मीना कुमारी अपनी अमर फिल्म 'पाकीजा' की शूटिंग के लिए सफर कर रही थीं. रास्ते में डाकुओं के गिरोह ने उन्हें घेर लिया, लेकिन जैसे ही डाकू को पता चला कि सामने 'लेडी सुपरस्टार' बैठी हैं, लूटपाट का इरादा अचानक एक अजीबोगरीब फरमाइश में बदल गया. आइए जानते हैं उस रात की पूरी कहानी और डाकू अमृतलाल की वह शर्त, जिसने इस घटना को बॉलीवुड की दास्तानों में अमर कर दिया.
जंगल में खत्म हुआ पेट्रोल और डाकुओं की एंट्री
किस्सा तब का है जब मीना कुमारी अपने पति कमाल अमरोही और टीम के साथ मध्य प्रदेश के शिवपुरी के पास से गुजर रही थीं. अचानक उनकी गाड़ी का पेट्रोल खत्म हो गया और अंधेरे का फायदा उठाकर चंबल के मशहूर डाकू अमृतलाल ने अपने गिरोह के साथ उन्हें चारों तरफ से घेर लिया.
लूटपाट नहीं, मीना कुमारी की दीवानगी
शुरुआत में डाकू लूटपाट के इरादे से आए थे, लेकिन जैसे ही अमृतलाल की नजर कार के भीतर बैठी मीना कुमारी पर पड़ी, उसका गुस्सा ठंडा पड़ गया. वह मीना कुमारी का बहुत बड़ा फैन था. वह पूरी टीम को अपने ठिकाने पर ले गया और वहां उनके लिए खाने-पीने का शानदार इंतजाम करवाया.
चाकू से ऑटोग्राफ की अजीब शर्त
डाकू अमृतलाल ने मीना कुमारी को जाने देने के बदले एक ऐसी शर्त रखी जिसे सुनकर सबके होश उड़ गए. उसने मांग की कि मीना कुमारी चाकू की नोक से गोदकर उसके हाथ पर अपना ऑटोग्राफ दें. वह चाहता था कि उनकी निशानी उसके शरीर पर हमेशा के लिए अंकित हो जाए.
मजबूरी में दी गई निशानी
पहले तो मीना कुमारी यह सुनकर बुरी तरह घबरा गईं, लेकिन हालात की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने हिचकिचाते हुए डाकू के हाथ पर चाकू से अपना नाम लिखा. इस दर्दनाक ऑटोग्राफ को पाकर डाकू बेहद खुश हुआ और उसने पूरे काफिले को सुरक्षित जंगल से बाहर निकलवाया.
सक्सेस देखने के लिए जिंदा नहीं रहीं मीना कुमारी
यह घटना फिल्म 'पाकीजा' की शूटिंग के दौरान हुई थी. फिल्म को बनने में सालों लगे और जब 1972 में यह रिलीज हुई, तो इसने सफलता के नए रिकॉर्ड बनाए. बेहद दुखद रहा कि फिल्म की ग्रैंड सक्सेस देखने के लिए मीना कुमारी जीवित नहीं रहीं. रिलीज के कुछ समय बाद ही उनका निधन हो गया था.