Thursday, 23 April, 2026

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Drishyam से भी ज्यादा सस्पेंस वाली तगड़ी थ्रिलर फिल्म, क्लाइमेक्स में छिपा है बड़ा रहस्य

अगर आप 'दृश्यम' जैसी फिल्मों के प्रशंसक हैं और किसी ऐसी मर्डर मिस्ट्री की तलाश में हैं जो आपके दिमाग की नसों को झकझोर दे, तो 'ध्रुवंगल पतिनारु' (Dhuruvangal Pathinaaru), जिसे D-16 के नाम से जाना जाता है, आपके लिए एक 'मास्टरपीस' है. 2016 में रिलीज हुई यह तमिल फिल्म आज भी साउथ की सबसे बेहतरीन सस्पेंस-थ्रिलर फिल्मों की सूची में टॉप पर बनी हुई है.

21 साल के निर्देशक का कमाल- कार्तिक नरेन ने अपने डेब्यू प्रोजेक्ट में ही यह साबित कर दिया कि बेहतरीन कहानी कहने के लिए बड़े बजट की नहीं, बल्कि एक तेज दिमाग की जरूरत होती है. फिल्म का हर फ्रेम और हर सीन एक खास मकसद से बुना गया है.

एक रात, तीन घटनाएं- कहानी एक रिटायर्ड पुलिस ऑफिसर दीपक के अतीत में जाने से शुरू होती है. एक रात, तीन अलग-अलग अपराध—एक एक्सीडेंट, एक सुसाइड और एक मर्डर—एक-दूसरे से कैसे जुड़ जाते हैं, यही इस फिल्म का मुख्य आकर्षण है. यह फिल्म दिखाती है कि कैसे छोटी-छोटी कड़ियां मिलकर एक बड़ा सच बनाती हैं.

'दृश्यम' से तुलना और परतों वाला सस्पेंस- इस फिल्म को 'दृश्यम' जैसी फिल्मों के समकक्ष इसलिए रखा जाता है क्योंकि यह सीधी नहीं चलती. जैसे-जैसे परतें खुलती हैं, हर बार कातिल का शक किसी और पर जाता है, लेकिन अंत तक सच कुछ और ही निकलता है. इसकी पुलिस जांच का तरीका बेहद वास्तविक और बारीकी से दिखाया गया है.

क्लाइमेक्स जो हिला देगा- फिल्म का असली जादू उसके आखिरी 10-15 मिनट में है. 'D-16' का अंत इतना अप्रत्याशित (Unpredictable) है कि आप कल्पना भी नहीं कर पाएंगे. क्लाइमेक्स के खुलासे के बाद दर्शक खुद को फिल्म के प्रभाव से बाहर नहीं निकाल पाते, और यही इस फिल्म की सबसे बड़ी जीत है.

कम टाइमिंग ने बड़ा धमाका- आजकल की लंबी फिल्मों के दौर में, 1 घंटे 45 मिनट की यह फिल्म समय की बर्बादी बिल्कुल नहीं करती. IMDb पर 8.2 की शानदार रेटिंग पाने वाली यह फिल्म उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो कम समय में एक 'दिमाग घुमा देने वाला' अनुभव चाहते हैं.

First published on: Apr 22, 2026 11:32 PM

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