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Netflix पर आते ही गर्दा उड़ा रही 6 एपिसोड वाली ये धांसू सीरीज, क्लाइमेक्स में छिपा है तगड़ा सस्पेंस

ओटीटी की दुनिया में अपनी धाक जमाने वाली क्राइम थ्रिलर सीरीज 'कोहरा' (Kohrra) एक बार फिर अपने नए और दमदार सीजन के साथ लौट आई है. नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुए इसके दूसरे सीजन ने आते ही दर्शकों और समीक्षकों के बीच खलबली मचा दी है. यह सीरीज केवल एक कत्ल की गुत्थी नहीं है, बल्कि यह इंसानी फितरत के उस अंधेरे चेहरे को दिखाती है जो अक्सर कोहरे में छिपा रहता है.

कुल 6 एपिसोड- 'कोहरा' का दूसरा सीजन कुल 6 एपिसोड में सिमटा हुआ है. हर एपिसोड की लंबाई और कहानी का प्रवाह इतना सटीक है कि दर्शक एक पल के लिए भी स्क्रीन से नजर नहीं हटा पाते. बुधवार को रिलीज होने के बाद से ही यह नेटफ्लिक्स की टॉप ट्रेंडिंग लिस्ट में अपनी जगह बना चुका है.

पंजाब के क्राइम और इमोशन्स की गहराई- सीरीज की कहानी एक बार फिर पंजाब की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जहां एक भयानक मर्डर केस पूरे इलाके को दहला देता है. दो पुलिस अधिकारी जब इस केस की जांच शुरू करते हैं, तो उन्हें न केवल कातिल का सामना करना पड़ता है, बल्कि समाज में दबे उन राजों से भी लड़ना पड़ता है जो बेहद कड़वे और डरावने हैं.

सस्पेंस के साथ 'मेंटल लेवल' पर प्रहार- इस सीरीज की सबसे बड़ी खूबी इसका 'ट्रीटमेंट' है. यह सिर्फ एक 'हूडनिट' (कातिल कौन है) मिस्ट्री नहीं है, बल्कि यह किरदारों की निजी जिंदगी, उनके तनाव और उनकी टूटी हुई मानसिक स्थिति को भी बड़ी बारीकी से दिखाती है. यह आपके मेंटल लेवल को चुनौती देती है और सोचने पर मजबूर करती है कि क्या सच हमेशा उतना ही साफ होता है जितना दिखता है?

पहले सीजन जैसी ही सफलता की राह पर- 3 साल पहले आए इसके पहले सीजन को ओटीटी की बेहतरीन क्राइम थ्रिलर माना गया था. दूसरे सीजन में मेकर्स ने सस्पेंस को और भी ज्यादा इंटेंस और डार्क रखा है. शुरुआती रिव्यूज में क्रिटिक्स ने कहानी की बुनावट और कलाकारों की मंझी हुई एक्टिंग की जमकर सराहना की है.

क्यों है यह 'मस्ट वॉच'?- अगर आप ऐसी सीरीज के शौकीन हैं जो सीधी-सपाट न होकर पेचीदा हो, तो 'कोहरा सीजन 2' आपके लिए है. पंजाब की असलियत, ड्रग्स, अपराध और उलझे हुए रिश्तों के जाल को यह सीरीज जिस संजीदगी से दिखाती है, वह इसे दूसरी क्राइम सीरीज से अलग बनाता है.