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Netflix पर मौजूद 2 घंटे 7 मिनट की बेहद दमदार सस्पेंस थ्रिलर फिल्म, क्लाइमेक्स देख हो जाएंगे हैरान

अगर आप इस वीकेंड कुछ ऐसा देखना चाहते हैं जो आपकी रातों की नींद उड़ा दे, तो 'रमन राघव 2.0' से बेहतर कोई विकल्प नहीं है. सस्पेंस और साइकोलॉजिकल थ्रिलर के मामले में यह फिल्म 'दृश्यम' और 'अंधाधुन' जैसी कल्ट फिल्मों को भी कड़ी टक्कर देती है. यह फिल्म मनोरंजन से ज्यादा एक डरावना अनुभव है जो इंसानी दिमाग की गहराई को झकझोर देता है.

असली सीरियल किलर से प्रेरित कहानी- यह फिल्म 1960 के दशक में मुंबई को दहला देने वाले असली सीरियल किलर रमन राघव की जिंदगी पर आधारित है, जिसे 'इंडिया का जैक द रिपर' कहा जाता था. उसने फुटपाथ पर सो रहे 40 से ज्यादा मासूम लोगों को लोहे की छड़ से बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया था. फिल्म उसी पागलपन और क्रूरता को परदे पर जीवंत करती है.

नवाजुद्दीन और विक्की कौशल की जबरदस्त टक्कर- फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने साइको किलर 'रमन' की भूमिका निभाई है, जिसे देखकर आज भी लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं. वहीं, विक्की कौशल (जो उस वक्त इंडस्ट्री में नए थे) ने एक ड्रग एडिक्ट पुलिस ऑफिसर 'राघवन' का किरदार निभाया है. इन दोनों किरदारों के बीच का चूहे-बिल्ली का खेल फिल्म की असली जान है.

'क्राइम' और 'पागलपन' का अनोखा मेल- निर्देशक अनुराग कश्यप ने इस फिल्म में यह दिखाया है कि अपराधी और उसे पकड़ने वाले कानून के रखवाले के बीच की लकीर कितनी धुंधली हो सकती है. जहाँ रमन एक मानसिक बीमारी (स्किजोफ्रेनिया) के चलते हत्याएं करता है, वहीं पुलिस अफसर राघवन भी अपने भीतर के अंधेरे से जूझ रहा होता है.

दर्शकों की पसंद- 2016 में रिलीज हुई इस फिल्म का जादू आज 10 साल बाद भी बरकरार है. IMDb पर 7.3 की शानदार रेटिंग के साथ यह फिल्म आज भी टॉप थ्रिलर फिल्मों की लिस्ट में शुमार है. फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर और डार्क सिनेमैटोग्राफी इसे एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की थ्रिलर बनाती है.

कहां देख सकते हैं?- अगर आपने अब तक यह डार्क थ्रिलर नहीं देखी है, तो आप इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स (Netflix) और जी5 (ZEE5) पर आसानी से देख सकते हैं. सपरिवार देखने के बजाय, इसे अकेले या दोस्तों के साथ देखना ज्यादा रोमांचक होगा.