Palash Muchhal: म्यूजिक कंपोजर पलाश मुच्छल एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं. महीनों पहले क्रिकेटर स्मृति मंधाना संग अपनी शादी टूटने के चलते पलाश सुर्खियों में बने रहे. वहीं एक बार फिर वो कानून पचड़े में फंसते नजर आ रहे हैं. दरअसल पलाश के खिलाफ स्मृति के दोस्त ने FIR दर्ज कराई है. ये मामला स्मृति से जुड़ा नहीं है, लेकिन स्मृति के दोस्त विज्ञान माने ने दावा किया है कि पलाश ने उनके खिलाफ जातिवादी टिप्पणी की, जिसके आरोप में मामला दर्ज किया गया है.
पलाश मुच्छल के वकील ने दिया रिएक्शन
इस पूरे मामले में पलाश मुच्छल के वकील श्रेयांश मिथारे ने एनडीटीवी से बात करते हुए अपना रिएक्शन दिया है. इस केस को लेकर पलाश के वकील श्रेयांश मिथारे ने बताया कि, ‘विज्ञान ने केस फाइल करने से पहले बहुत सारे न्यूज चैनल्स को एक इंटरव्यू दिया था, जिसमें इन्होंने कहा था कि पलाश ने मेरे साथ 40 लाख की धोखाधड़ी की है. आगे श्रेयांश ने बताय कि, ‘इसके आधार पर बॉम्बे हाईकोर्ट के दरवाजे खटखटाए. बॉम्बे हाईकोर्ट में पहले हमने उन्हें 10 करोड़ का मानहानि का नोटिस भेजा.’
पलाश को बदनाम करने की कोशिश?
‘उसके बावजूद भी वह अपनी बात से पीछे नहीं हटे, इसलिए हमने बॉम्बे हाईकोर्ट में 11 करोड़ का मानहानि का मुकदमा दायर किया. जिसमें बॉम्बे हाईकोर्ट पहले ही उनके खिलाफ ‘रिस्ट्रिनिंग ऑर्डर’ दे चुका है कि आप मीडिया में पलाश के खिलाफ कुछ नहीं बोल सकते और उन्हें और बदनाम नहीं कर सकते. इस आदेश के बावजूद उन्होंने इंटरव्यू देना जारी रखा, जिसके लिए हम उनके खिलाफ ‘कंटेंप्ट पिटीशन’ यानी अदालत की अवमानना का मामला लाने की योजना बना रहे हैं.’ आगे श्रेयांश ने बताया कि इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने उन्हें मानहानि के मामले में अपना पक्ष रखने के लिए दो बार बुलाया, लेकिन वह नहीं आए.
स्मृति मंदाना के दोस्त ने लगाए आरोप
श्रेयांश मिथारे ने बताया कि, ‘शिकायतकर्ता विज्ञान माने ये दावा कर रहे हैं कि 22 नवंबर 2025 को, पलाश की शादी से एक दिन पहले, पलाश ने उनके साथ गाली-गलौज की और उनकी जाति पर टिप्पणी की. अगर इतना दिन हुआ था, 22 नवंबर से लेकर आज हम मई के महीने में हैं, तब तक आपने कोई शिकायत क्यों नहीं की? आपने पहले सिर्फ वित्तीय विवाद की बात की थी, लेकिन जातिगत टिप्पणी का आरोप लेकर आप अभी तक सामने नहीं आए थे. इससे पता चलता है कि उनके इरादे सही नहीं हैं और वह सिर्फ पब्लिसिटी पाना चाहते हैं. हम इसका कानूनी रूप से उचित जवाब देंगे.