Archana Puran Singh: फिल्म इंडस्ट्री में अबतक लंबे वर्क शेड्यूल को लेकर कई एक्ट्रेसेस बयान दे चुकी हैं. सेट पर काम करने के घंटों को लेकर सबसे पेहले दीपिका पादुकोण ने खुलकर बात की थी. इसके बाद लगातार इस तरह के खुलासे हो रहे हैं. वहीं हाल ही में नेटफ्लिक्स पर आई कॉमेडी ड्रामा फिल्म ‘टोस्टर’ के कलाकारों, राजकुमार राव, सान्या मल्होत्रा, अभिषेक बनर्जी और अर्चना पूरन सिंह ने भी इसी तरह के मुद्दों पर बात की. एक्ट्रेस अर्चना पूरन सिंह ने इसे लेकर चिंता जताई है.
करनी पड़ती है 12 घंटे से भी ज्यादा काम
हाल ही में न्यूज 18 को दिए इंटरव्यू में अर्चना पूरन सिंह ने काम करने के शेड्यूल को लेकर विस्तार से बात की. उन्होंने समझाया कि कैसे शिफ्ट अक्सर तय समय से आगे बढ़ जाती हैं, कभी कभी 12 घंटे से भी ज्यादा हो जाता है और उससे भी ज्यादा देर तक चलती रहती हैं. जिससे उनकी लाइफ में बुरा असर पड़ता है.
सेट पर खाने को लेकर अर्चना ने किया चौंका देने वाला खुलासा
इसपर विस्तार से बात करते हुए अर्चना ने कहा, ‘इसके बाद भी, वे हमसे उम्मीद करते हैं कि हम अपने काम के घंटे बढ़ाकर 13-14 घंटे कर दें और लंच ब्रेक छोड़ दें. ये एक तरह की कंजूसी ही है. कंजूसी एक मानसिकता है… आप लाइट वालों को, जो अपना सामान पकड़कर घंटों धूप में खड़े रहते हैं, खाना खाने से कैसे रोक सकते हैं? उनके पास हमारी तरह असिस्टेंट नहीं होते जो उनके लिए फल ला सकें. ये बहुत बुरा है.’
अर्चना ने आगे बताया, “हमने इसका कई बार अनुभव किया है. एक बहुत बड़ा प्रोडक्शन हाउस था, जिसका नाम मैं नहीं लेना चाहती. हम उन्हें ‘एक बोटी, दो रोटी’ कहते थे. अगर आप किसी क्रू मेंबर से इसके बारे में पूछते, तो वे कहते, ‘अच्छा, ये तो एक बोटी, दो रोटी वाले हैं.’ खाने की मेज पर मांसाहारी भोजन बहुत सीमित मात्रा में परोसा जाता था. क्रू मेंबर्स को केवल कुछ निश्चित रोटियां और मांसाहारी भोजन की एक ही सर्विंग लेने के लिए कहा जाता था. ”अर्चना ने साफ किया कि ये एक ‘कंजूसी’ वाली सोच है.
राजकुमार राव और सान्या मल्होत्रा ने भी खोली पोल
इसके साथ ही राजकुमार राव और एक्ट्रेस सान्या मल्होत्रा ने भी इस तरह की समस्या गिनाई. सान्या मल्होत्रा ने कहा कि कुछ प्रोडक्शन हाउस लंबे और थकाने वाले शेड्यूल के बावजूद, लंच जैसे जरूरी ब्रेक को भी प्राथमिकता नहीं देते. वहीं राजकुमार ने कहा, ‘शेड्यूल को आसानी से इस तरह से बदला जा सकता है कि समय पर खाना मिल सके. क्रू के सदस्यों की सेहत और भलाई का ध्यान रखा जाना चाहिए.’