Rakhi Sawant Visits Makkah: अपनी अतरंगी हरकतों और विवादों से हमेशा चर्चा में रहने वाली ड्रामा क्वीन राखी सावंत (Rakhi Sawant) इन दिनों मक्का पहुंची हुई हैं. रक्षाबंधन के खास मौके पर उमराह करने पहुंचीं राखी ने वहां से कई वीडियोज शेयर कर फैंस को चौंका दिया है. मक्का के बाहर बुर्का और हिजाब पहने राखी जरूरतमंद लोगों को जानमाज यानी नमाज पढ़ने वाली चटाई बांटती नजर आईं. साथ ही उन्होंने नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से पीड़ित लोगों की सलामती के लिए खास दुआ भी मांगी.
बुर्का और हिजाब में दिखीं राखी
सोशल मीडिया पर राखी सावंत के मक्का से कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. हमेशा अपने बोल्ड और ग्लैमरस अंदाज में दिखने वाली राखी इस बार मक्का के बाहर बिना मेकअप के पूरी तरह बुर्का और हिजाब से ढकी नजर आईं. उन्हें इस सादे और धार्मिक अवतार में देखकर उनके फैंस और सोशल मीडिया यूजर्स काफी हैरान हैं.
मक्का के बाहर बांटी जानमाज
मक्का की सड़कों पर राखी सावंत लोगों को जानमाज (जिस पर मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज अदा करते हैं) बांटती हुई दिखाई दीं. जानमाज बांटते वक्त वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे राखी एक पल के लिए घबरा गईं. हालांकि, बाद में उन्होंने खुद को संभाला और लोगों को चटाई बांटना जारी रखा.
नेपाल बाढ़ पीड़ितों के लिए दुआ
एक अन्य वीडियो में राखी सावंत ने कहा, “दोस्तों, मैं मक्का में 100 से भी ज्यादा जानमाज बांट रही हूँ. नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बाद हमने अल्लाह से वहां के लोगों की सुरक्षा के लिए खास दुआ मांगी है. पानी भले थम गया हो, लेकिन वहां बहुत तबाही हुई है. इसलिए आपकी बहन ‘फातिमा’ मक्का में यह नेक काम कर रही है.”
शादी के लिए बदला था धर्म
आपको बता दें कि बिजनेसमैन आदिल खान दुर्रानी (Adil Khan Durrani) के साथ दूसरी शादी करने के लिए राखी सावंत ने अपना धर्म बदलकर इस्लाम अपनाया था और अपना नाम ‘फातिमा’ रख लिया था. हालांकि, आदिल के साथ उनका रिश्ता अब खत्म हो चुका है और दोनों का तलाक हो गया है, लेकिन इसके बावजूद वे अभी भी इस्लामिक रीति-रिवाजों का पालन कर रही हैं.
सोशल मीडिया पर इस तरह के मिले रिएक्शन
यह पहली बार नहीं है जब राखी मक्का-मदीना पहुंची हैं, वे पहले भी कई बार उमराह कर चुकी हैं. उनके इस ताजा वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. जहां कुछ लोग उनके इस सेवा भाव और दुआ की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कई यूजर्स उन्हें हिजाब और धार्मिक आयोजनों को पब्लिसिटी के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाकर ट्रोल भी कर रहे हैं.