78 की उम्र में भी जिंदगी को पूरी जिंदादिली के साथ जी रहीं मुमातज़ को देख आज कौन कह सकता है कि उनकी जिंदगी में कभी एक वक्त ऐसा भी आया था। जब कैंसर जैसी बीमारी ने उन्हें मौत की दहलीज़ तक पहुंचा दिया था। एक लंबे दर्दभरे इलाज के दौर ने उन्हें बुरी तरह से झकझोर कर रख दिया था। लेकिन मुमताज़ ने हार नहीं मानीं और फिर मौत को मात देकर जिंदगी की इस जंग को जीत गईं । इस बीमारी ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया था।
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