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‘रामायण’ की इस एक्ट्रेस की मौत बनी पहेली, घर में मिली लाश, 29 साल बाद भी नहीं सुलझी गुत्थी

रामानंद सागर के टीवी सीरियल 'रामायण' के हर कलाकार ने अपने-अपने किरदार को अमर बनाने और इस सीरियल को ऐतिहासिक ऊंचाइंयों पर पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन इनमें से कुछ किरदार ऐसे हैं, जो खुद गुमनाम हो गए या फिर इस दुनिया से चल बसे, लेकिन कुछ ऐसे भी कलाकार रहे जिनकी मौत ने लोगों को सदमें में डाल दिया, और उनकी मौत की गुत्थी कभी नहीं सुलझी.

हम बात कर रहे हैं, 'रामायण' में माता सीता की मां का किरदार निभाकर उस रोल को हमेशा के लिए अमर कर देने वाली अदाकारा उर्मिला भट्ट की, जिन्होंने 'रामायण' में सीता की मां रानी सुनैना का किरदार निभाया था. पर्दे पर सादगी और ममता की मिसाल बनीं उर्मिला की असल जिंदगी का अंत बेहद दर्दनाक रहा.

उर्मिला भट्ट ने अपने करियर की शुरुआत फिल्मों से की थी. 60 और 70 के दशक में उन्होंने कई बड़ी फिल्मों में काम किया और अमिताभ बच्चन, दिलीप कुमार, सुनील दत्त और राज कुमार जैसे दिग्गज सितारों के साथ स्क्रीन शेयर की.

खास बात ये रही, कि उन्होंने कई फिल्मों में अमिताभ बच्चन की मां का किरदार निभाकर अलग पहचान बनाई. हालांकि, उन्हें असली पॉपुलैरिटी 1986 में आए, रामानंद सागर के 'रामायण' से मिली, जिसमें उनका रानी सुनैना का रोल आज भी याद किया जाता है.

लेकिन 1997 में उनकी जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसने सबको हिला कर रख दिया. 22 फरवरी 1997 को उर्मिला भट्ट अपने घर में अकेली थीं. परिवार के बाकी सदस्य बाहर गए हुए थे. अगले दिन जब उनके दामाद घर पहुंचे, तो दरवाजा नहीं खुला. शक होने पर अंदर जाकर जो नजारा देखा, वो बेहद खौफनाक था.

उर्मिला भट्ट की लाश घर में खून से लथपथ हालत में पड़ी थी. जांच में पाया गया, उनके हाथ-पैर बांधकर गला धारदार हथियार से रेतकर हत्या की गई, घरवालों के वापस आने पर पाया गया, कि घर का सारा सामान भी बिखरा हुआ था, जिससे लूटपाट की आशंका जताई गई.

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ, कि उनकी हत्या एक दिन पहले ही की जा चुकी थी. पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, स्पेशल टीम भी बनाई गई, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा. अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ, मगर महीनों की जांच के बाद भी हत्यारे पकड़े नहीं जा सके.

आज इस घटना को करीब 29 साल हो चुके हैं, लेकिन उर्मिला भट्ट की हत्या अब भी एक अनसुलझी पहेली बनी हुई है. टीवी की इस शांत और स्नेहमयी मां का अंत इतना दर्दनाक होगा, ये किसी ने सोचा भी नहीं था. उनकी कहानी आज भी 'रामायण' के दर्शकों को झकझोर देती है.