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पहली फिल्म में हीरो नहीं हीरोइन बना था ये सुपरस्टार, 150 रुपये से की शुरुआत, नकली गहनों का था बिजनेस

200 से ज्यादा फिल्मों के इस सुपरस्टार एक्टर ने अपनी पहली फिल्म में हीरोइन का किरदार निभाया. इंडस्ट्री में काम पाने के लिए खूब चापलूसी की. हिंदी सिनेमा का एक ऐसा स्टार जिसने अपनी शुरुआत मात्र 150 रुपये से की. लीड रोल पाने के लिए एक्टर ने पूरी जान लगा दी और आगे चलकर उनकी मेहनत रंग लाई और अपने जमाने के सबसे बड़े सुपरस्टार कहलाए. आइए इनके बारे में जानते हैं.

हम बात कर रहे हैं हिंदी सिनेमा के चहेते स्टार्स में से एक जितेंद्र कपूर की, जिन्होंने मात्र 150 रुपये से फिल्मों में कदम रखा था. उन्होंने अपनी पहली फिल्म 'नवरंग' (1959) में महिला का किरदार निभाया था, जिसे वी. शांताराम ने प्रोड्यूस किया था. इसी फिल्म से उन्होंने फिल्मी दुनिया में अपना पहला कदम रखा.

7 अप्रैल 1942 को जन्में जितेंद्र के पिता की नकली ज्वेलरी की दुकान चलाते थे. ये गहने फिल्मों के सेट पर जाता था. जितेंद्र भी अपने पिता के काम में हाथ बंटाते थे. ऐसे में बचपन से ही जितेंद्र का फिल्मों के सेट पर आना-जाना रहता था.

जितेंद्र ने अपने करियर की शुरुआत भले ही 'गीत गाया पत्थरों ने' से की, लेकिन उससे पहले वो फिल्म 'सेहरा' पर काम कर चुके थे. इन फिल्मों में उनके छोटे-छोटे रोल थे. हालांकि उनकी शुरुआत निर्देशक वी. शांताराम की फिल्म 'नवरंग' (1959) से हुई.

अपनी पहली फिल्म में जितेंद्र ने एक्ट्रेस संध्या के बॉडी डबल के रूप में काम किया. फिल्म के एक सीन में ऊंट पर कूदना था. निर्देशक ऐसे शख्स की तलाश में थे जो यह सीन कर सके और बिल्कुल संध्या जैसा दिखे. इसके लिए जितेंद्र ने हां कर दी और उन्हें ये रोल मिल गया.

इसके बाद डायरेक्टर वी. शांताराम ने फिल्म 'गीत गाया पत्थरों ने' में जितेन्द्र को लीड रोल दिया. धीरे-धीरे जितेंद्र इंडस्ट्री के नए सुपरस्टार बने गए. उन्होंने खूब नाम कमाया. अपनी शानदार फिल्मों से आज भी जितेंद्र दर्शकों के दिल में खास जगह बनाए हुए हैं.