---विज्ञापन---
साउथ का वो सुपरस्टार, जो मां का कर्ज चुकाने के लिए बना एक्टर; कभी ₹750 की सैलरी पर फैक्ट्री में किया काम
दिग्गज अभिनेता शिवकुमार के बेटे सूर्या का जन्म भले ही फिल्मी घराने में हुआ हो, लेकिन उन्होंने कभी पिता के नाम का सहारा नहीं लिया. फिल्मों में आने से पहले उन्होंने अपनी पहचान गुप्त रखकर ढाई साल तक एक गारमेंट फैक्ट्री में काम किया, जहां उनकी पहली सैलरी मात्र ₹750 थी. सूर्या कभी एक्टर नहीं बनना चाहते थे, उनका सपना खुद की फैक्ट्री खोलना था. लेकिन जब उन्हें पता चला कि उनकी माँ ने ₹25,000 का कर्ज लिया है, तो उस जिम्मेदारी को निभाने के लिए उन्होंने साल 1997 में अभिनय की दुनिया में कदम रखा. आज वे न केवल एक ग्लोबल स्टार हैं, बल्कि नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित अभिनेता भी हैं.
बिना पहचान बताए की फैक्ट्री में नौकरी
सूर्या आत्मनिर्भर बनना चाहते थे, इसलिए उन्होंने एक गारमेंट एक्सपोर्ट फैक्ट्री में ट्रेनी के तौर पर काम किया. वहां किसी को नहीं पता था कि वे एक मशहूर अभिनेता के बेटे हैं. ₹750 से शुरू हुआ उनका सफर ₹8,000 की सैलरी तक पहुंच था.
मां का कर्ज बना टर्निंग प्वाइंट
सूर्या का एक्टिंग में आने का कोई इरादा नहीं था. उनकी मां ने अपनी जरूरतों के लिए ₹25,000 का कर्ज लिया था. जब सूर्या को इस बात का पता चला, तो उन्होंने उस कर्ज को उतारने के लिए ही फिल्मों में काम करने का फैसला लिया. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, आज सूर्या की टोटल नेटवर्थ 350 करोड़ से ज्यादा है.
नेशनल अवॉर्ड का गौरव
साल 1997 में 'नेरुक्कू नेर' से डेब्यू करने वाले सूर्या ने अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया. उन्हें फिल्म 'सोरारई पोट्रु' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के नेशनल फिल्म अवॉर्ड से नवाजा गया, जो उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि है.
आने वाली फिल्म 'करुप्पु' का क्रेज
सूर्या के फैंस को उनकी अगली फिल्म 'करुप्पु' का बेसब्री से इंतजार है, जिसमें वे तृषा कृष्णन के साथ नजर आएंगे. फिल्म का ट्रेलर हाल ही में रिलीज हुआ है, जिसमें सूर्या का किरदार न्याय और विश्वास की लड़ाई लड़ते हुए काफी दमदार लग रहा है.
'विश्वनाथ एंड संस' की रिलीज पर सस्पेंस
सूर्या की एक और फिल्म 'विश्वनाथ एंड संस' जुलाई 2026 में रिलीज होने वाली थी. हालांकि, फिल्मी गलियारों में चर्चा है कि मेकर्स इसकी रिलीज डेट को आगे बढ़ा सकते हैं. तारीख जो भी हो, सूर्या का नाम ही दर्शकों को थिएटर तक खींचने के लिए काफी है.