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सगी बहन ने छीना पति, बर्बाद हुई शादीशुदा जिंदगी… इस फेमस एक्ट्रेस की दिल दहला देने वाली कहानी

फिल्मी दुनिया की चमक-दमक के पीछे कई सितारों की जिंदगी ऐसे दर्द से भरी रही है, जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है. ऐसी ही एक कहानी है दिग्गज अभिनेत्री की, जिन्हें 'रामायण' में मंथरा के किरदार से घर-घर पहचान मिली. 18 अप्रैल को उनकी बर्थ एनिवर्सरी पर उनकी जिंदगी के कुछ ऐसे पहलुओं पर नजर डालते हैं, जो बेहद चौंकाने वाले हैं.

हम जिस एक्ट्रेस की बात कर रहे हैं, वो कोई और नहीं ललिता पवार हैं, उनकी निजी जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही. उनकी शादी गणपत राव से हुई थी, लेकिन रिश्ते में ऐसा मोड़ आया जिसने उनकी दुनिया ही बदल दी.

बताया जाता है, कि उनके पति का अफेयर उनकी ही सगी बहन के साथ चल रहा था. जब इस सच्चाई का पता ललिता को चला, तो उन्होंने बिना देर किए इस रिश्ते को खत्म कर दिया. ये घटना उनके लिए गहरा सदमा थी, जिसने उनकी शादीशुदा जिंदगी को पूरी तरह तोड़कर रख दिया.

बाद में उन्होंने प्रोड्यूसर राजप्रकाश गुप्ता से दूसरी शादी की, जिनसे उन्हें एक बेटा जय पवार हुआ. हालांकि, जिंदगी ने उन्हें यहां भी ज्यादा राहत नहीं दी. ललिता पवार का अंत भी बेहद दर्दनाक रहा.

22 फरवरी 1998 को उनका निधन हो गया, लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात यह थी, कि उनकी मौत की खबर तीन दिन तक किसी को नहीं लगी. वो अपने बंगले में अकेली थीं, और कैंसर से जूझ रही थीं. जब परिवार वालों ने संपर्क करने की कोशिश की और कोई जवाब नहीं मिला, तब घर पहुंचने पर उनका शव मिला. ये घटना आज भी लोगों को झकझोर देती है.

उनकी जिंदगी का एक और बड़ा हादसा 1942 में हुआ था, जब फिल्म 'जंग-ए-आजादी' की शूटिंग के दौरान एक सीन में सह-कलाकार ने उन्हें जोरदार थप्पड़ मार दिया. इस हादसे में उनकी आंख की नस फट गई, और उन्हें फेसियल पैरालिसिस हो गया.

इसके बाद उन्हें लंबे समय तक इलाज कराना पड़ा, और उनका हीरोइन बनने का सपना टूट गया. हालांकि, ललिता पवार ने हार नहीं मानी. उन्होंने साइड रोल्स में ऐसा दम दिखाया, कि वो इंडस्ट्री की सबसे यादगार अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं.

करीब 70 साल के करियर में उन्होंने 700 से ज्यादा फिल्मों में काम किया, और अपनी अलग पहचान बनाई. बहरहाल, ललिता पवार की कहानी सिर्फ एक अभिनेत्री की नहीं, बल्कि संघर्ष, दर्द और हिम्मत की मिसाल है.