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रविंद्रनाथ टैगोर की पोती थीं दीलिप कुमार की ये बोल्ड हीरोइन, मुमताज को बनाया था ‘मधुबाला’

Actress Birthday Special: बॉलीवुड में यूं तो एक्टर्स और एक्ट्रेस सभी को अपना करियर सेट करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन कई मामलों में एक्ट्रेस के लिए ये परीक्षा थोड़ी ज्यादा कठिन हो जाती है. आज हम आपको एक ऐसी एक्ट्रेस के बारे में बताने वाले हैं, जिसने हिंदी सिनेमा की तस्वीर को ही पूरी तरह से बदल दिया था, और उन्होंने ही बॉलीवुड को दिलीप कुमार और मधुबाला जैसे कलाकार दिए हैं.

हम जिस एक्ट्रेस की बात कर रहे हैं, वो कोई और नहीं बल्कि हिन्दी सिनेमा की पहली महिला अभिनेत्री देविका रानी हैं. मालूम हो कि देविका रानी के बोल्ड स्टेप की वजह से ही सिनेमा में महिलाओं को एंट्री मिल पाई है.

देविका रानी का जन्म 30 मार्च 1908 को ब्रिटिश भारत के विशाखापत्तनम में हुआ था. देविका रानी के कर्नल डॉ मनमथनाथ चौधरी एक बड़े जमींदार परिवार के वंशज थे. देविका रानी की दादी रवींद्रनाथ टैगोर की बहन थीं. इस तरह वो रिश्ते में रवींद्रनाथ टैगोर की पोती लगती थीं.

देविका रानी ने अपने एक्टिंग की शुरुआत साल 1933 में आई फिल्म 'कर्मा' से की. इस फिल्म में उनके पति हिमांशु राय ही उनके को-स्टार थे. इस फिल्म में देविका रानी ने 4 मिनट लंबा किसिंग सीन दिया था.

इसके बाद देविका रानी ने कई हिट फिल्में डिलीवर कीं, जिसमें ‘जवानी की हवा’, ‘ममता और मियां बीवी’, ‘जन्मभूमि’, 'इज्जत', 'प्रेम कहानी', 'निर्मला', 'अनजान' और 'अछूत कन्या’ जैसी फिल्में शामिल हैं. उनकी आखरी फिल्म 'ज्वार भाटा' थी, जिससे उन्होंने दीलिप कुमार को लॉन्च किया था.

देविका रानी ने अपने पति के साथ मिलकर बॉम्बे टॉकीज नाम का एक फिल्म स्टूडियो शुरू किया था, जिसके बैनर तले उन्होंने दिलीप कुमार, लीला चिटनिस, मधुबाला, राज कपूर, अशोक कुमार और मुमताज जैसे एक्टर्स को लॉन्च किया था. उन्होंने ही मुमताज को 'मधुबाला' बनाया था.