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कभी जान देना चाहता था ये सिंगर, लेकिन आज है सुरों का सरताज, गा चुका 700 से ज्यादा गाने
बॉलीवुड संगीत जगत में कई बेहतरीन सिंगर हैं. जब भी महान गायकों का जिक्र होता है, तो सबसे पहले लता मंगेशकर और आशा भोंसले का नाम सामने आता है. वहीं, मौजूदा दौर के गायकों में अरिजीत सिंह, सोनू निगम और श्रेया घोषाल जैसे कलाकारों का नाम लिया जाता है. आज हम ऐसे ही एक सिंगर के बारे में बात कर रहे हैं, जिन्होंने अपनी जिंदगी में बेहद कठिन दौर देखा. एक समय ऐसा भी आया, जब वह अपनी जान देना चाहते थे. हालांकि, आज वह भारतीय संगीत जगत के सबसे पॉपुलर सिंगर्स में शुमार हैं और 700 से ज्यादा गाने गा चुके हैं.
कैलाश खेर बर्थडे
दरअसल, हम बात कर रहे हैं मशहूर गायक कैलाश खेर की, जो 7 जुलाई को अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं. करीब 23 साल लंबे करियर में उन्होंने कई शानदार गाने गाए हैं. कैलाश अपनी सूफियाना आवाज और अनोखे अंदाज के लिए जाने जाते हैं. उन्हें सूफी और क्लासिकल संगीत में महारत हासिल है. अपने शानदार गायन के लिए वह कई अवॉर्ड भी जीत चुके हैं. हालांकि, उनकी जिंदगी में एक समय ऐसा भी आया था, जब वह पूरी तरह टूट चुके थे.
फेल हुआ था कैलाश खेर का बिजनेस
उत्तर प्रदेश के मेरठ में जन्मे कैलाश खेर बचपन से ही संगीत के माहौल में पले-बढ़े. उनके पिता मेहर सिंह खेर एक लोक गायक थे, इसलिए उनका झुकाव भी बचपन से संगीत की ओर रहा. हालांकि, उन्होंने शुरुआत में संगीत के बजाय बिजनेस करने का फैसला किया. उन्होंने एक दोस्त के साथ मिलकर हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट का कारोबार शुरू किया, लेकिन यह पूरी तरह असफल हो गया. भारी नुकसान की वजह से वह गहरे डिप्रेशन में चले गए.
कैलाश ने की थी आत्महत्या की कोशिश
इस मुश्किल दौर में उन्होंने ऋषिकेश जाकर साधु-संतों के बीच समय बिताया. यहां तक कि उन्होंने संन्यासी बनने का भी विचार किया. बिजनेस में हुए नुकसान से वह इतने परेशान हो गए थे कि गंगा नदी में कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश भी की. हालांकि, समय रहते एक व्यक्ति ने उनकी जान बचा ली.
ऐसे शुरू हुआ कैलाश का म्यूजिक इंडस्ट्री में सफर
इसके बाद उन्होंने भजन-कीर्तन और क्लासिकल संगीत की ओर रुख किया. साल 2001 में वह सिंगर बनने का सपना लेकर मुंबई पहुंचे. यहां उन्होंने लंबे समय तक स्ट्रगल किया. शुरुआती दिनों में पैसों की तंगी के कारण वह कई बार सिर्फ वड़ा पाव खाकर गुजारा करते थे. बाद में उनके एक दोस्त ने उनकी मुलाकात संगीतकार राम संपत से कराई, जो विज्ञापनों के लिए जिंगल तैयार करते थे. इसके बाद कैलाश खेर ने 300 से अधिक विज्ञापन जिंगल गाए.
कैलाश खेर गा चुके हैं 700 से ज्यादा गाने
साल 2003 में उन्होंने अक्षय कुमार की फिल्म 'अंदाज़' के लिए 'रब्बा इश्क ना होवे' गाया, जो बड़ा हिट साबित हुआ. इसके बाद उन्होंने बॉलीवुड को कई यादगार गाने दिए. 'अल्लाह के बंदे', 'तेरी दीवानी', 'चांद सिफारिश', 'तुझे मैं प्यार करूं' जैसे गीतों ने उन्हें अलग पहचान दिलाई. आज कैलाश खेर भारतीय संगीत जगत का बड़ा नाम बन चुके हैं और वह 20 भाषाओं में 700 से अधिक गाने गा चुके हैं.
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