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मां बनाती थी खाना, बेटी बनीं स्टार, प्रोड्यूसर से शादी कर दिलीप कुमार-अमिताभ बच्चन संग दीं कई हिट्स
बॉलीवुड में कई सितारे ऐसे हैं, जिन्होंने मेहनत और संघर्ष के बाद सफलता की ऐसी सीढ़ी चढ़ी, कि फिर पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा, इन्हीं में से एक हैं ये अदाकारा ये हैं, जिन्होंने 50 से 70 के दशक में एक से बढ़कर एक हिट फिल्में दी, उन्होंने दिलीप कुमार से लेकर अमिताभ बच्चन और शशि कपूर जैसे सितारों के साथ कामकर अपनी दमदार पहचान बनाई. इन्होंने लीड रोल भले कम किए हों, लेकिन अपने शानदार सपोर्टिंग किरदारों से हमेशा के लिए यादगार बन गईं. जिन्हें प्यार से 'शम्मी आंटी' कहा जाता था.
इनका असली नाम नरगिस रबादी है, जो 24 अप्रैल 1929 को मुंबई में एक पारसी परिवार में जन्मीं थीं, शम्मी नाम से मशहूर नरगिस का बचपन संघर्षों से भरा था, कम उम्र में पिता के निधन ने मानों उनके जीवन में दुखों का पहाड़ ला खड़ा किया हो, पिता के जाने के बाद घर की जिम्मेदारी उनकी मां पर आ गई, जो धार्मिक आयोजनों में खाना बनाकर परिवार का पाल-पोषण करतीं थीं.
शुरुआत में शम्मी ने पढ़ाई के बाद एक कंपनी में सेक्रेटरी के तौर पर नौकरी की, लेकिन किस्मत को तो कुछ और ही मंजूर था, तभी तो वो उन्हें फिल्मी दुनिया में ले आई, और साल 1949 में उन्होंने फिल्म 'उस्ताद पेड्रो' से अपने करियर की शुरुआत की. इसी दौरान उनका नाम बदलकर 'शम्मी' रखा गया, क्योंकि उस वक्त नरगिस दत्त पहले से इंडस्ट्री की बड़ी स्टार थीं.
हालांकि, ये नाम उन्हें शुरुआत में पसंद नहीं आया, लेकिन आगे चलकर यही नाम उनकी पहचान बन गया. शम्मी ने लीड रोल करते हुए 'मल्हार' जैसी फिल्मों से पहचान बनाई. बाद में समय बीता और उन्होंने सपोर्टिंग किरदारों की ओर रुख किया और यहीं से उनकी असली सक्सेस शुरू हो गई.
'दिल अपना और प्रीत पराई' , 'हाफ टिकट' , 'कुदरत' और 'हम साथ साथ हैं' जैसी फिल्मों में उनके किरदार आज भी दर्शकों को याद हैं. उन्होंने अपने दौर के दिग्गज सितारों जैसे अमिताभ बच्चन और शशि कपूर के साथ कई फिल्मों में काम किया और हर बार अपनी छाप छोड़ी.
पर्सनल लाइफ की बात करें, तो शम्मी ने 30 साल की उम्र में फिल्म मेकर सुल्तान अहमद से शादी की थी, लेकिन ये रिश्ता ज्यादा लंबा नहीं चला और सात साल बाद दोनों अलग हो गए. 90 और 2000 के दशक में शम्मी ने दादी और मां के रोल में नई पहचान बनाई.
'कुली नंबर 1' , 'हम' , 'गोपी किशन' जैसी फिल्मों में उनकी मौजूदगी खास बन गई. उन्होंने अपने छह दशक लंबे करियर में 200 से ज्यादा फिल्मों में काम किया. 6 मार्च 2018 को 88 साल की उम्र में शम्मी आंटी ने दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन उनकी शानदार अदाकारी और यादगार किरदार आज भी सिनेमाप्रेमियों के दिलों में जिंदा हैं.