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बॉलीवुड का वो सुपरस्टार, जो महज एक रोल से बन गया महिलाओं का फेवरेट; आज करता है इंडस्ट्री पर राज

बॉलीवुड के 'सिंघम' और अपनी आंखों से अभिनय करने वाले सुपरस्टार अजय देवगन आज अपना 57वां जन्मदिन मना रहे हैं. 2 अप्रैल 1969 को दिल्ली में जन्मे विशाल वीरू देवगन (अजय देवगन) का सफर दो बाइकों पर पैर रखकर शुरू हुआ था, जो आज भारतीय सिनेमा के शिखर तक पहुंच चुका है. एक्शन से लेकर कॉमेडी तक, अजय ने हर मोड़ पर खुद को साबित किया है.

दो बाइकों वाली ऐतिहासिक एंट्री- साल 1991 में फिल्म 'फूल और कांटे' से अजय ने बॉलीवुड में कदम रखा था. फिल्म की शुरुआत में दो चलती बाइकों पर पैर रखकर उनके स्टंट ने पूरे देश को हैरान कर दिया था. इस एक सीन ने उन्हें रातोंरात एक्शन स्टार बना दिया और आज भी बॉलीवुड की सबसे आइकॉनिक एंट्रीज में इसकी गिनती होती है.

'वनराज': जिसने बनाया महिलाओं का फेवरेट- साल 1999 में आई संजय लीला भंसाली की फिल्म 'हम दिल दे चुके सनम' अजय के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई. फिल्म में उन्होंने 'वनराज' का किरदार निभाया, जो अपनी पत्नी (ऐश्वर्या राय) को उसके प्रेमी (सलमान खान) से मिलाने के लिए सात समंदर पार ले जाता है. एक निस्वार्थ और समर्पित पति के इस रोल ने उन्हें उस दौर में हर महिला का पसंदीदा बना दिया था.

बाजीराव सिंघम: ईमानदारी का दूसरा नाम- अजय देवगन ने एक्शन जॉनर को 'सिंघम' के जरिए एक नई परिभाषा दी. एक सख्त, निडर और ईमानदार पुलिस ऑफिसर बाजीराव सिंघम के रूप में उनके संवाद और स्टाइल ने बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको अपना दीवाना बना लिया. इसके बाद 'रेड' और 'तान्हाजी' जैसी फिल्मों ने उनके गंभीर अभिनय की धाक जमा दी.

कॉमेडी के सुल्तान: 'गोलमाल' का जादू- सिर्फ गंभीर रोल ही नहीं, अजय ने रोहित शेट्टी की 'गोलमाल' सीरीज के जरिए अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग का लोहा मनवाया. 'गोपाल' के किरदार में उनके मजेदार अंदाज और स्टंट्स ने साबित कर दिया कि वे दर्शकों को हंसाने में भी उतने ही माहिर हैं जितने कि डराने या रुलाने में.

'दृश्यम' का विजय सालेगांवकर- थ्रिलर फिल्मों की बात हो तो 'दृश्यम' के विजय सालेगांवकर को कोई नहीं भूल सकता. एक साधारण चौथी पास आदमी, जो अपने परिवार की रक्षा के लिए कानून की आंखों में धूल झोंक देता है, उस किरदार को अजय ने जिस संजीदगी से निभाया, उसने दर्शकों के होश उड़ा दिए.