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बॉलीवुड का सबसे पहला सुपरस्टार, जिसकी लगातार 15 फिल्में हुईं थीं हिट

भारतीय सिनेमा के इतिहास में राजेश खन्ना एक ऐसा नाम हैं, जिन्होंने सफलता की वो ऊंचाइयां छुईं जो आज के दौर के बड़े-बड़े खान सितारों के लिए भी एक सपना हैं. 1960 और 70 के दशक में 'काका' का जादू पूरे देश के सिर चढ़कर बोलता था. लगातार 15 हिट फिल्में देने का उनका रिकॉर्ड आज भी कायम है. उनकी गर्दन टेढ़ी करने की अदा और दिल जीतने वाली मुस्कान पर करोड़ों लोग फिदा थे. राजेश खन्ना सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि एक युग थे, जिन्होंने 'सुपरस्टार' शब्द को सही मायने दिए.

लगातार 15 हिट फिल्मों का रिकॉर्ड- राजेश खन्ना के नाम एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है. साल 1969 से 1971 के बीच उनकी लगातार 15 फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रहीं. इनमें 'आराधना', 'कटी पतंग', 'आनंद', 'अमर प्रेम' और 'हाथी मेरे साथी' जैसे बड़े नाम शामिल हैं. उस दौर में सिनेमाघरों के बाहर सिर्फ राजेश खन्ना का नाम ही काफी होता था.

लड़कियों में 'दीवानगी' की हद- राजेश खन्ना के प्रति लड़कियों का जुनून ऐसा था कि वे उन्हें अपने खून से खत लिखा करती थीं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लड़कियां उनकी सफेद कार को चूमकर अपनी लिपस्टिक से लाल कर देती थीं. उनकी तस्वीर से शादी करना और उनकी एक झलक के लिए खुद को नुकसान पहुँचाना उस दौर की आम बात थी. ऐसी दीवानगी भारतीय सिनेमा ने फिर कभी नहीं देखी.

'आशीर्वाद' बंगले का वो आखिरी सफर- मुंबई का 'आशीर्वाद' बंगला राजेश खन्ना की पहचान बन गया था. इसी घर में उन्होंने अपनी जिंदगी के सबसे खूबसूरत पल जिए और 18 जुलाई 2012 को लंबी बीमारी के बाद अंतिम सांस ली. उनके निधन पर पूरी दुनिया गमगीन थी और उनकी अंतिम यात्रा में उमड़ी लाखों की भीड़ ने साबित कर दिया कि वे वाकई जनता के चहेते सुपरस्टार थे.

विरासत को आगे बढ़ाती अगली पीढ़ी- राजेश खन्ना ने डिंपल कपाड़िया से शादी की थी और उनकी दो बेटियां हैं—ट्विंकल खन्ना और रिंकी खन्ना. आज उनकी बड़ी बेटी ट्विंकल खन्ना एक मशहूर लेखिका हैं, जबकि उनके दामाद और बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार फिल्म इंडस्ट्री के सबसे सफल एक्टर्स में से एक हैं. अक्षय अक्सर अपने ससुर राजेश खन्ना की विरासत और उनकी सीख का जिक्र गर्व से करते हैं.

वो अमर डायलॉग और 'आनंद' का संदेश- फिल्म 'आनंद' में उनका बोला गया संवाद आज भी हर किसी की जुबां पर रहता है— "बाबूमोशाय, जिंदगी बड़ी होनी चाहिए, लंबी नहीं." राजेश खन्ना ने पर्दे पर मौत और जिंदगी के दर्शन को जिस सादगी से निभाया, उसने उन्हें हमेशा के लिए अमर बना दिया. उनकी फिल्में आज भी लोगों को जीवन को खुलकर जीने की प्रेरणा देती हैं.