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सस्पेंस और मिस्ट्री-थ्रिलर के शौकीनों के लिए बेस्ट हैं ये 7 फिल्में, हर कहानी का क्लाइमेक्स है धमाकेदार

सिनेमा की दुनिया में सीरियल किलर की कहानियों ने हमेशा दर्शकों के भीतर डर और जिज्ञासा का एक अनोखा मिश्रण पैदा किया है. एक शातिर दिमाग, कत्ल करने का एक तय पैटर्न और पुलिस के साथ लुका-छिपी का खेल, ये एलिमेंट्स किसी भी क्राइम थ्रिलर को यादगार बना देते हैं. अगर आप भी सस्पेंस और डार्क थ्रिलर के शौकीन हैं, तो हिंदी और साउथ इंडस्ट्री की ये चुनिंदा फिल्में आपकी रातों की नींद उड़ाने के लिए काफी हैं.

रमन राघव 2.0- अनुराग कश्यप के निर्देशन में बनी यह फिल्म 1960 के दशक के कुख्यात कातिल रमन राघव से प्रेरित है. नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने 'रमन्ना' के रूप में एक ऐसे सनकी कातिल का रोल निभाया है, जिसे खून करने का कोई पछतावा नहीं है. वहीं विक्की कौशल एक नशेड़ी पुलिस अफसर के किरदार में हैं. यह फिल्म इंसानी दिमाग के सबसे अंधेरे कोनों को उजागर करती है.

रत्सासन- जब बात रोंगटे खड़े कर देने वाली थ्रिलर की आती है, तो साउथ की 'रत्सासन' (Ratsasan) का मुकाबला करना मुश्किल है. यह कहानी एक ऐसे पुलिस वाले की है जो स्कूल की मासूम बच्चियों का शिकार करने वाले एक साइको किलर का पीछा करता है. फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर और किलर का लुक इतना खौफनाक है कि आप अकेले इसे देखने से कतराएंगे.

मर्दानी 2- रानी मुखर्जी की यह फिल्म एक ऐसे शातिर अपराधी की कहानी है जो महिलाओं को अपना निशाना बनाता है. फिल्म का विलेन भले ही उम्र में कम है, लेकिन उसका दिमाग किसी शैतान से कम नहीं. शिवानी शिवाजी रॉय (रानी मुखर्जी) और इस अपराधी के बीच की लुका-छिपी आपको अंत तक तनाव में रखेगी.

अंजाम पाथिरा- मलयालम फिल्म 'अंजाम पाथिरा' एक बेहतरीन इन्वेस्टिगेटिव थ्रिलर है. इसमें एक ऐसा कातिल दिखाया गया है जो चुन-चुनकर केवल पुलिस वालों की हत्या करता है. पुलिस विभाग में मची खलबली और कातिल के पीछे का मकसद आपको पूरी तरह चौंका देगा.

कौन?- राम गोपाल वर्मा की यह फिल्म सस्पेंस का मास्टरक्लास है. पूरी फिल्म एक घर और तीन किरदारों के इर्द-गिर्द सिमटी है. एक अकेली लड़की, बाहर घूमता सीरियल किलर और दरवाजे पर दस्तक देता एक अजनबी. फिल्म के अंत में जो ट्विस्ट आता है, उसकी कल्पना करना भी मुश्किल है.

पोर थोजिल- साउथ की इस फिल्म ने हाल ही में काफी सुर्खियां बटोरी हैं. यह एक डरपोक जूनियर पुलिस अफसर और एक सख्त सीनियर अफसर की कहानी है, जो मिलकर एक ऐसे कातिल को ढूंढते हैं जो दशकों बाद फिर से सक्रिय हुआ है. फिल्म की सादगी और इसका सस्पेंस इसे बेहद खास बनाता है.

एक विलेन- इस फिल्म में रितेश देशमुख ने एक ऐसे मध्यमवर्गीय आदमी का किरदार निभाया है, जो समाज और घर से मिलने वाली बेइज्जती का गुस्सा अनजान महिलाओं की हत्या करके निकालता है. एक आम दिखने वाले इंसान के पीछे छिपा यह खूंखार चेहरा दर्शकों को डराने में सफल रहा है.