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Netflix पर मौजूद 2 घंटे 23 मिनट की तगड़ी सस्पेंस थ्रिलर फिल्म, क्लाइमेक्स देख घूम जाएगा दिमाग

साल 2024 की बहुचर्चित फिल्म 'सिकंदर का मुकद्दर' नेटफ्लिक्स पर सस्पेंस का नया स्तर लेकर आई है. यह कहानी 60 करोड़ के हीरों की चोरी और उसे सुलझाने के 15 साल लंबे जुनून के इर्द-गिर्द घूमती है. जिमी शेरगिल एक ऐसे पुलिस ऑफिसर बने हैं जिसकी 'मूल प्रवृत्ति' (Instinct) कभी गलत नहीं होती, जबकि अविनाश तिवारी और तमन्ना भाटिया संदेह के घेरे में हैं. 2 घंटे 23 मिनट की यह फिल्म आपको लगातार यह सोचने पर मजबूर करेगी कि असली मास्टरमाइंड कौन है.

हीरों की चोरी और 'इंस्टिंक्ट' की जंग- फिल्म की शुरुआत मुंबई में एक डायमंड प्रदर्शनी से होती है, जहां भारी सुरक्षा के बावजूद पांच कीमती हीरे चोरी हो जाते हैं. जांच अधिकारी जसविंदर सिंह (जिमी शेरगिल) को यकीन है कि यह काम वहां मौजूद तीन लोगों का है, लेकिन कोई सबूत नहीं मिलता. फिल्म का पूरा सस्पेंस इस बात पर टिका है कि क्या ऑफिसर की 'छठी इंद्री' सही है या वह किसी बेगुनाह की जिंदगी बर्बाद कर रहा है.

जिमी शेरगिल और अविनाश तिवारी की जुगलबंदी- जिमी शेरगिल ने एक जुनूनी पुलिस वाले की भूमिका में जान फूंक दी है, जो केस न सुलझने के कारण अपनी नौकरी और परिवार दोनों खो देता है. वहीं, अविनाश तिवारी ने 'सिकंदर' के रूप में एक ऐसे व्यक्ति का किरदार निभाया है जो सिस्टम से प्रताड़ित है लेकिन उसके चेहरे के पीछे कई राज छिपे हैं. दोनों के बीच का दिमागी खेल फिल्म को 'धांसू' बनाता है.

नीरज पांडे का सिग्नेचर स्टाइल- 'वेडनेसडे' और 'स्पेशल 26' जैसी फिल्में देने वाले नीरज पांडे ने इस बार भी अपनी छाप छोड़ी है. फिल्म का नैरेटिव सीधा नहीं है, यह 15 सालों के अंतराल में आगे-पीछे घूमता रहता है. वह जिस तरह से छोटे-छोटे सुराग छोड़ते हैं और अंत में उन्हें जोड़ते हैं, वह दर्शकों को बांधे रखने का काम करता है.

तमन्ना भाटिया का नॉन-ग्लैमरस अवतार- फिल्म में तमन्ना भाटिया ने 'कामिनी' का किरदार निभाया है, जो खुद एक संदिग्ध है. उन्होंने इस रोल में बहुत ही सधा हुआ अभिनय किया है, जो उनकी पिछली फिल्मों से काफी अलग है. फिल्म में उनका और अविनाश का रिश्ता कहानी में इमोशनल एंगल जोड़ता है, जिससे सस्पेंस में गहराई आती है.

वो क्लाइमैक्स जो सब कुछ बदल देगा- फिल्म के आखिरी 30 मिनट ही इसकी असली जान हैं. जब कहानी आगरा से अबू धाबी तक का सफर तय करती है, तब जाकर चोरी का 'कैसे' और 'किसने' वाला हिस्सा खुलता है. जिस चालाकी से हीरों को छिपाया गया और जिस तरह से यह पूरा प्लान अंजाम दिया गया, उसे देखकर वाकई दिमाग घूम जाएगा. इसका अंत एक दिलचस्प ट्विस्ट के साथ होता है.