Raja Shivaji Movie Review: रितेश देशमुख की फिल्म ‘राजा शिवाजी’ आज थिएटर्स में रिलीज हो चुकी है. अगर आप इस फिल्म को देखने का प्लान कर रहे हैं, तो इसे बिल्कुल मिस मत कीजिए—बिना देर किए थिएटर जाकर देखिए. फिल्म में छत्रपति शिवाजी महाराज का किरदार खुद रितेश देशमुख ने निभाया है. रितेश ने न सिर्फ शानदार एक्टिंग की है, बल्कि उनकी राइटिंग और डायरेक्शन भी उतनी ही दमदार है.
स्टोरीटेलिंग और रिसर्च: फिल्म की सबसे बड़ी ताकत
फिल्म की स्टोरीटेलिंग को कई हिस्सों और चैप्टर्स में पेश किया गया है, जो इसे एक ग्रैंड और डिटेल्ड ट्रीटमेंट देता है. इस फिल्म की सबसे बड़ी USP यही है कि यह छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन से जुड़ी कई ऐसी बातें सामने लाती है, जिनके बारे में आम लोगों को ज्यादा जानकारी नहीं है. फिल्म में दिखाया गया है कि वे किस तरह नीतियां बनाते थे, किस तरह की राजनीति होती थी और उसे किस तरह सफल बनाया जाता था.
शुरुआत में फिल्म कहानी को स्थापित करने के लिए काफी डिटेल में जाती है, खासतौर पर इतिहास को बहुत बारीकी से पेश किया गया है. आज भी अफजल खान से जुड़ी कई बातें ऐसी हैं जो कम लोग जानते हैं—जैसे उसके क्रूर व्यवहार को लेकर फिल्म में कुछ अहम पहलुओं को दिखाया गया है. फिल्म का इंटरवल पॉइंट काफी दमदार है, और सेकेंड हाफ में कहानी और तेज़ रफ्तार पकड़ती है. यहीं फिल्म का असली मैसेज दर्शकों तक पहुंचता है.
स्टारकास्ट: शानदार परफॉर्मेंस का मेल
फिल्म की स्टारकास्ट इसकी बड़ी ताकत है. रितेश देशमुख के बेटे रियान देशमुख ने छत्रपति शिवाजी महाराज के बचपन के किरदार में शानदार काम किया है. संजय दत्त अफजल खान के रोल में प्रभावी लगे हैं. सलमान खान का कैमियो अच्छा है, लेकिन असली सरप्राइज देती हैं विद्या बालन और भाग्यश्री—दोनों ने अपने किरदार को पूरी तरह जी लिया है. इसके अलावा अभिषेक बच्चन, जेनेलिया डिसूजा और अमोल गुप्ते ने भी अपने-अपने रोल में ईमानदारी से काम किया है.
म्यूजिक और बैकग्राउंड स्कोर
फिल्म को और ज्यादा impactful बनाता है अजय–अतुल का म्यूजिक. बैकग्राउंड स्कोर भी उतना ही पावरफुल है, खासतौर पर छत्रपति शिवाजी महाराज पर बना एंथम फिल्म को एक अलग ऊंचाई देता है.
कमजोरियां: टेक्निकल खामियां
फिल्म में कुछ कमियां भी हैं. VFX को और बेहतर बनाया जा सकता था. कई जगह टेक्निकल पहलुओं में शॉर्टकट लिए गए लगते हैं. एक्शन सीक्वेंस और ज्यादा दमदार हो सकते थे, और एडिटिंग भी कुछ जगह कमजोर लगती है.
फाइनल वर्डिक्ट
इन कमियों के बावजूद फिल्म आपको निराश नहीं करती. यह उन फिल्मों में से एक है जिसे खासतौर पर नई पीढ़ी को जरूर देखना चाहिए. फिल्म अपनी रिसर्च और कहानी के दम पर आपको बांधे रखती है, और क्लाइमैक्स तक आते-आते यह आपको इमोशनल, प्राउड और क्यूरियस जैसे कई भावनाओं से भर देती है. ओवरऑल, यह फिल्म जरूर देखी जानी चाहिए.
⭐ रेटिंग: 3.5 / 5