---विज्ञापन---

इस खूंखार विलेन को मिली थी दर्दनाक मौत, सेट पर ही जल गया था 80% शरीर

भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में कई ऐसे एक्टर और एक्ट्रेस हैं, जिन्होंने अपने अभिनय से लोगों पर गहरी छाप छोड़ी है. आज भी कई ऐसे एक्टर और एक्ट्रेस हैं, जो इस दुनिया को अलविदा कहने के बाद भी फिल्म इंडस्ट्री पर राज कर रहे हैं. हालांकि तमाम ऐसे एक्टर और एक्ट्रेस भी हैं, जिन्होंने हीरो या हीरोइन के किरदार से नहीं बल्कि विलेन के रोल से लोगों के बीच पॉपुलैरिटी हासिल की है. वहीं, आज हम 60 के दशक के एक ऐसे ही एक्टर के बारे में बात करने रहे हैं, जो खूंखार विलेन कहे जाते थे. लेकिन उनकी बेहद दर्दनाक मौत हुई थी. एक हादसे ने उनका सब कुछ बर्बाद कर दिया था. तो चलिए जानते हैं उनके बारे में.

दरअसल, हम बात कर रहे हैं एक्टर मनमोहन की. 28 जनवरी 1933 को जमशेदपुर में जन्मे मनमोहन के पिता एक बिजनेसमैन थे और वह उन्हें अपना कारोबार सौंपना चाहते थे. लेकिन मनमोहन की दिलचस्पी फिल्मों में थी और वह हमेशा से ही एक्टर बनना चाहते थे. जिसके बाद अपनी पढ़ाई पूरी की और फिर वह मुंबई चले गए.

मुंबई पहुंचने के बाद मनमोहन का एक्टर बनने का सफर शुरू हुआ. उन्हें शुरुआत में काफी स्ट्रगल करना पड़ा. क्योंकि वह हर किसी की तरह एक हीरो बनना चाहते थे, लेकिन न तो उन्हें हीरो का रोल मिल रहा था और न ही कोई सपोर्टिंग रोल उनकी झोली में आया. उन्हें लंबे वक्त तक स्टूडियो के चक्कर काटने पड़े. लेकिन फिर 13 साल की कड़ी मेहनत के बात उन्हें साल 1963 में पहली फिल्म मिली, जो कि थी 'ये रास्ते हैं प्यार के.' हालांकि इसमें उन्हें काफी छोटा सा रोल मिला था.

इसके बाद वह 1965 की मनोज कुमार की फिल्म 'शहीद' में नजर आए, जिसमें उन्हें चंद्रशेखर आजाद का किरदार मिला था. इस रोल से वह रातोंरात पॉपुलर हो गए थे और उन्हें जमकर तारीफें मिली. हालांकि इस शानदार रोल को निभाने के बाद भी एक्टर को किसी भी मूवी में लीड रोल नहीं मिली. उसके बाद भी उन्हें सपोर्टिंग रोल ही मिले. लेकिन बाद में उन्हें विलेन के रोल मिलने लगे. जिसके बाद उन्होंने विलेन के रोल को करने का फैसला किया और फिर उन्होंने निगेटिव किरदार में ही अपनी पहचान बना ली. मनमोहन ने अपने करियर में 200 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया था.

हालांकि मनमोहन की जिंदगी में एक बहुत बड़ा हादसा हुआ था, जिससे उनकी मौत हो गई थी. दरअसल, मनोज कुमार के साथ मनमोहन एक फिल्म की शूटिंग कर रहे थे. इस मूवी की शूटिंग महाराष्ट्र के एक गांव में हो रही थी और वहां पर लाइट नहीं थी. शूटिंग के वक्त मूवी की पूरी टीम उसी गांव में थी और सभी तंबू में सोते थे और उसमें सभी पेट्रोमैक्स लैंप लगाकर सोते थे. लेकिन तभी अचानक वो लैंप देर रात को फट जाती है और आग के कारण पूरा तंबू जल जाता था. इस घटना से मनमोहन का 80 प्रतिशत शरीर झुलस जाता है. कहा जाता है कि एक्टर ने तब सिल्क का कुर्ता पहना था, जिससे उनका शरीर ज्यादा झुलस गया था.

इस हादसे के बाद मनमोहन को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया. वह कई महीनों तक अस्पताल में भर्ती रहे और लगातार उनका इलाज किया गया. हालांकि वह ठीक नहीं हो पाए. जिसके बाद 1979 में सिर्फ 46 साल की उम्र में उनका निधन हो गया. एक्टर के निधन से इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा था.

First published on: Apr 03, 2026 10:58 AM

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 on Facebook, Twitter.