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श्रीदेवी का जबरा फैन था ये शख्स, इंजीनियरिंग छोड़ थामा कैमरा, फिर ऐसे बॉलीवुड में रच दिया इतिहास

बॉलीवुड का एक ऐसा डायरेक्टर जिसने फिल्मों की दिशा और दशा को ही बदलकर रख दिया, जो पेशे से इंजीनियर रहा, लेकिन फिल्मों के प्रति उनके प्यार ने उनके हाथ में कैमरा थमा दिया, जिन्होंने इंडस्ट्री को एक से बढ़कर एक हिट फिल्में दीं, जिन्होंने दर्शकों के दिलों में ऐसी छाप छोड़ी, जो कभी नहीं धूमिल हो सकती, क्या आप पहचाने हम किस डायरेक्टर की बात कर रहे हैं?

बॉलीवुड के पॉपुलर फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा आज अपना 64वां जन्मदिन मना रहे हैं, और इस खास मौके पर उनकी दिलचस्प जिंदगी एक बार फिर सुर्खियों में है, रामू या आरजीवी के नाम से मशहूर वर्मा ने भारतीय सिनेमा को एक नया अंदाज दिया, जो आज भी दर्शकों को अट्रैक्ट करता है.

7 अप्रैल को जन्मे राम गोपाल वर्मा का फिल्मी सफर किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं है. उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद एक सिक्योर करियर छोड़कर फिल्मों की दुनिया में कदम रखा. ये फैसला जोखिम भरा जरूर था, लेकिन इसी ने उन्हें इंडस्ट्री का बड़ा नाम बना दिया.

उनकी पहली फिल्म 'शिवा' साल 1989 में रिलीज हुई थी, और इसने उन्हें रातोंरात पहचान दिलाई थी. इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड भी मिला थी. इसके बाद वर्मा ने पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा, और लगातार अलग-अलग तरह की फिल्मों से दर्शकों को चौंकाते रहे.

'रंगीला', 'सत्या', 'कंपनी' और 'सरकार' जैसी फिल्मों ने उन्हें एक एक्सपेरिमेंटल डायरेक्टर के रूप में स्टैबलिश्ड किया. खासकर अंडरवर्ल्ड और हॉरर जॉनर में उनका काम काफी सराहा गया. उन्होंने सिनेमा में रियलिस्टिक स्टोरीटेलिंग और नए कैमरा एंगल्स का इस्तेमाल कर फिल्म बनाने के तरीके को बदल दिया.

राम गोपाल वर्मा की एक और खास बात उनकी नई प्रतिभाओं को पहचानने की नजर रही है. फिल्म 'कंपनी' के मशहूर गाने 'खल्लास' से ईशा कोप्पिकर को बड़ी पहचान मिली. इसके अलावा उन्होंने कई कलाकारों को मौका देकर स्टार बनाया.

हालांकि, उनका नाम कई बार विवादों में भी रहा, लेकिन इससे उनकी पॉपुलैरिटी पर ज्यादा असर नहीं पड़ा. वे हमेशा अपने बेबाक अंदाज और अलग सोच के लिए जाने जाते हैं. कम ही लोग जानते हैं, कि वर्मा दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी के जबरदस्त फैन रहे हैं, बताया जाता है, कि 'शिवा' की शूटिंग के दौरान वे अकसर उनकी एक झलक पाने के लिए उनके घर के बाहर तक पहुंच जाते थे. ये दीवानगी उनके फिल्मी जुनून को भी दर्शाती है.

बहरहाल, आज राम गोपाल वर्मा का नाम उन डायरेक्टरों में शुमार है, जिन्होंने न सिर्फ हिट फिल्में दीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की सोच और दिशा को भी बदल दिया.