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27 महिलाओं की रहस्यमई मौत वाली ये सीरीज है सबसे धांसू, कहानी है हर हिस्से में मिलेगा तगड़ा सस्पेंस
ओटीटी की दुनिया में सस्पेंस वाली कहानियों की कमी नहीं है, लेकिन 'दहाड़' जैसा प्रभाव बहुत कम ही सीरीज छोड़ पाती हैं. रीमा कागती और रुचिका ओबेरॉय के निर्देशन में बनी यह 8 एपिसोड की सीरीज आपको राजस्थान के रेगिस्तान और वहां छिपे अंधेरे राजों के बीच ले जाती है. 7.6 की IMDb रेटिंग वाली यह कहानी सिर्फ एक मर्डर मिस्ट्री नहीं है, बल्कि यह उस खौफनाक मानसिकता की पड़ताल है जो मासूम जिंदगियों को अपना शिकार बनाती है. अगर आपने इसे अब तक नहीं देखा है, तो आप एक बेहतरीन थ्रिलर मिस कर रहे हैं.
27 महिलाओं की मौत का रहस्य
सीरीज की कहानी राजस्थान के एक छोटे से कस्बे से शुरू होती है, जहां लड़कियां रहस्यमयी तरीके से गायब होने लगती हैं. मामला तब गंभीर हो जाता है जब एक ही पैटर्न में 27 महिलाओं की लाशें मिलती हैं. शुरुआती जांच में जिसे लोग आत्महत्या या घर से भागने का मामला समझ रहे थे, वह दरअसल एक शातिर सीरियल किलर के द्वारा रची गई मौत की खौफनाक साजिश निकलती है.
विजय वर्मा का डरा देने वाला किरदार
इस सीरीज की सबसे बड़ी जान विजय वर्मा हैं. उन्होंने एक सीधे-साधे स्कूल टीचर का किरदार निभाया है, जो समाज की नजरों में बेहद सम्मानित है. लेकिन उस मासूम चेहरे के पीछे एक वहशी दरिंदा छिपा है, जो बहुत ही ठंडे दिमाग से अपने शिकार चुनता है. विजय वर्मा की खामोशी और उनके चेहरे के बदलते भाव आपको अंदर तक झकझोर कर रख देंगे.
सोनाक्षी सिन्हा का 'लेडी सिंघम' अवतार
सोनाक्षी सिन्हा ने सब-इंस्पेक्टर अंजलि भाटी के रूप में अपने करियर की सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस दी है. उन्हें न केवल उस शातिर कातिल को पकड़ना है, बल्कि विभाग और समाज के भीतर फैले जातिवाद और भेदभाव से भी लड़ना है. उनके साथ गुलशन देवैया ने एक ईमानदार सीनियर पुलिस अफसर के रूप में उनका बखूबी साथ निभाया है.
सीरियल किलर का अनोखा तरीका
इस सीरीज में कातिल का शिकार करने का तरीका काफी अलग है. वह उन लड़कियों को निशाना बनाता है जो अपनी जिंदगी से परेशान हैं या जिनकी शादी नहीं हो पा रही है. वह उन्हें प्यार के जाल में फंसाता है और फिर उनका इस्तेमाल कर उन्हें मौत के घाट उतार देता है. यह पैटर्न दर्शकों के मन में डर पैदा करने के साथ-साथ कई सवाल भी छोड़ जाता है.
समाज की कड़वी हकीकत
'दहाड़' केवल एक पुलिस केस की कहानी नहीं है. यह सीरीज हमारे समाज में गहरे तक पैठे जातिवाद, महिलाओं के प्रति नजरिये और पिछड़े इलाकों की जमीनी हकीकत को भी बड़ी बेबाकी से दिखाती है. कहानी के हर हिस्से में तगड़ा सस्पेंस है और आखिरी एपिसोड तक पहुंचते-पहुंचते आपकी धड़कनें तेज हो जाएंगी.