Thursday, 30 April, 2026

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‘Drishyam’ की भी बाप निकली ये सबसे धांसू सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म, कहानी का क्लाइमेक्स है बेहद धांसू

मलयालम सिनेमा हमेशा से ही अपनी बेहतरीन और कसी हुई कहानियों के लिए जाना जाता है. इस बार निर्देशक एमसी जितिन की फिल्म 'सूक्ष्मदर्शिनी' ने साबित कर दिया है कि एक दमदार थ्रिलर बनाने के लिए बड़े बजट की नहीं, बल्कि एक शानदार विजन की जरूरत होती है. यह फिल्म एक ऐसी हाउसवाइफ की कहानी है जिसका शक उसे एक खौफनाक हकीकत के करीब ले जाता है. बिना किसी शोर-शराबे के ब्लॉकबस्टर रही यह फिल्म अब ओटीटी प्लेटफॉर्म पर 'वर्ड ऑफ माउथ' के दम पर टॉप ट्रेंड्स में शामिल हो गई है.

छोटे बजट का बहुत बड़ा धमाका

फिल्म 'सूक्ष्मदर्शिनी' ने फिल्म इंडस्ट्री के पुराने गणित को बदल दिया है. केवल 14 करोड़ रुपये के मामूली बजट में तैयार हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 54 करोड़ रुपये से ज्यादा का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया है. फिल्म की सफलता का पूरा श्रेय इसकी कहानी और सस्पेंस को जाता है, जिसने दर्शकों को थिएटर और अब ओटीटी पर बांधे रखा है.

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शक, पड़ोसी और खौफनाक राज

फिल्म की कहानी प्रिया (नाजरिया नजीम) नाम की एक महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी कॉलोनी में आने वाले नए पड़ोसी मैनुअल (बासिल जोसेफ) की हरकतों को देखकर शक में पड़ जाती है. मैनुअल जो बाहर से दिखता है, असल में वह क्या है? प्रिया का यही छोटा सा शक धीरे-धीरे एक बहुत बड़े और डरावने राज की ओर इशारा करता है, जो फिल्म के क्लाइमेक्स तक आपको कुर्सी से हिलने नहीं देगा.

अल्जाइमर की आड़ में गहरा सस्पेंस

कहानी में असली ट्विस्ट तब आता है जब मैनुअल की मां अचानक गायब हो जाती है. मैनुअल सबको बताता है कि उसकी मां को 'अल्जाइमर' (भूलने की बीमारी) है और वे कहीं भटक गई हैं. लेकिन प्रिया को दाल में कुछ काला लगता है और वह खुद ही जासूस बनकर सुराग जुटाने लगती है. क्या यह वाकई कोई बीमारी है या इसके पीछे कोई खौफनाक कत्ल छिपा है? यही सस्पेंस फिल्म की जान है.

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बासिल और नाजरिया की जबरदस्त एक्टिंग

'मिन्नल मुरली' फेम बासिल जोसेफ ने मैनुअल के किरदार में कमाल कर दिया है. वे अपनी एक्टिंग से आपको अंत तक भ्रम में रखते हैं कि वे मासूम हैं या कोई शातिर अपराधी. वहीं, नाजरिया नजीम ने एक जिज्ञासु और तेज-तर्रार हाउसवाइफ के रोल में जान फूंक दी है. दोनों की केमिस्ट्री फिल्म को सस्पेंस के साथ-साथ थोड़ा मजेदार भी बनाती है.

5 भाषाओं में उपलब्ध और टॉप रेटिंग

अगर आप भाषा को लेकर उलझन में हैं, तो अच्छी खबर यह है कि 'सूक्ष्मदर्शिनी' हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़—कुल पांच भाषाओं में उपलब्ध है. IMDb पर 7.8 की हाई रेटिंग हासिल करने वाली यह फिल्म हर उस शख्स को देखनी चाहिए जो 'व्होडनिट' (Who done it?) थ्रिलर का दीवाना है.

First published on: Apr 30, 2026 12:06 AM

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