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बॉलीवुड का वो एक्टर, जिसे डेब्यू के 15 साल बाद मिली पहली ब्लॉकबस्टर; फिर भी नहीं मिली थी हीरो जैसी पहचान

शाहिद कपूर का फिल्मी सफर किसी रोलर कोस्टर राइड से कम नहीं रहा है. साल 2003 में 'चॉकलेटी बॉय' बनकर एंट्री करने वाले शाहिद को अपनी पहली मेगा-ब्लॉकबस्टर फिल्म के लिए डेढ़ दशक का लंबा इंतजार करना पड़ा. साल 2018 में आई 'पद्मावत' उनके करियर का टर्निंग पॉइंट तो बनी, लेकिन इस बड़ी कामयाबी के पीछे एक ऐसी कसक भी रही, जिसे आज भी सिने-प्रेमी याद करते हैं.

15 साल का लंबा इंतजार- शाहिद कपूर ने 'इश्क विश्क' से डेब्यू किया और 'जब वी मेट' और 'विवाह' जैसी हिट फिल्में दीं. उन्होंने 'कमीने' और 'हैदर' के जरिए खुद को एक बेहतरीन अभिनेता के रूप में साबित भी किया, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर जिस 'ब्लॉकबस्टर' टैग की उन्हें तलाश थी, वह उन्हें करियर की शुरुआत के 15 साल बाद फिल्म 'पद्मावत' से मिला.

500 करोड़ी फिल्म, लेकिन चर्चा दूसरों की- संजय लीला भंसाली की 'पद्मावत' ने बॉक्स ऑफिस पर 500 करोड़ रुपये से अधिक का कलेक्शन कर इतिहास रच दिया. यह शाहिद के करियर की पहली इतनी बड़ी फिल्म थी. हालांकि, फिल्म की भव्यता और सफलता के बीच शाहिद कपूर का किरदार महारावल रतन सिंह कहीं न कहीं दबकर रह गया. पूरी फिल्म का आकर्षण मुख्य रूप से रानी 'पद्मावती' (दीपिका पादुकोण) और क्रूर 'खिलजी' (रणवीर सिंह) के इर्द-गिर्द सिमटा रहा.

खिलजी के पागलपन और पद्मावती की गरिमा के बीच- शाहिद कपूर ने एक आदर्शवादी और वीर राजपूत राजा के रूप में बेहद संयमित और शालीन अभिनय किया. लेकिन स्क्रीन टाइम और ड्रामेटिक सीन्स के मामले में रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण बाजी मार ले गए. रणवीर की एनर्जी इतनी हावी थी कि दर्शकों ने उन्हें फिल्म का 'शो-स्टीलर' मान लिया, जिससे शाहिद का शांत रोल थोड़ा फीका महसूस हुआ.

कबीर सिंह से मिला असली 'सोलो' स्टारडम- 'पद्मावत' की ब्लॉकबस्टर सफलता के बावजूद शाहिद को वह व्यक्तिगत पहचान नहीं मिली जिसके वह हकदार थे. लेकिन इसके ठीक एक साल बाद 2019 में आई 'कबीर सिंह' ने सब कुछ बदल दिया. इस फिल्म में शाहिद न केवल सेंटर ऑफ अट्रैक्शन थे, बल्कि उन्होंने साबित कर दिया कि वे अकेले दम पर बॉक्स ऑफिस हिला सकते हैं.

'फर्जी' से 'ओ रोमियो' तक का सफर- 'पद्मावत' के बाद शाहिद ने खुद को केवल बड़े पर्दे तक सीमित नहीं रखा. उन्होंने 'फर्जी' जैसी वेब सीरीज के जरिए ओटीटी पर धमाका किया, जिसे ग्लोबल लेवल पर पसंद किया गया. इसके बाद हाल ही में रिलीज हुई 'ओ रोमियो' की शानदार ओपनिंग ने यह साबित कर दिया कि शाहिद अब उस दौर में हैं, जहां उन्हें किसी बड़े विलेन या भारी-भरकम स्टारकास्ट के सहारे की जरूरत नहीं है; वे खुद एक ब्रांड बन चुके हैं.