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Drishyam से भी ज्यादा सस्पेंस वाली धांसू क्राइम थ्रिलर फिल्म, कहानी में छिपा है गजब का ट्विस्ट

अगर आपको ऐसी फिल्में पसंद हैं जहां हर मिनट कहानी बदलती है, तो 'बदला' आपके लिए एक मास्टरपीस है. सुजॉय घोष के निर्देशन में बनी यह फिल्म स्पेनिश थ्रिलर 'द इनविजिबल गेस्ट' का आधिकारिक रीमेक है. फिल्म में अमिताभ बच्चन एक अपराजेय वकील और तापसी पन्नू एक मुख्य संदिग्ध के रूप में आमने-सामने हैं. शब्दों के मायाजाल और तीखी बहस के बीच यह फिल्म दर्शकों के दिमाग के साथ एक जबरदस्त खेल खेलती है. आपको कई जगह इसका सस्पेंस Drishyam की तरह लगेगा.

शब्दों की जंग और शानदार स्क्रीनप्ले- फिल्म मुख्य रूप से एक कमरे के अंदर संवादों के जरिए आगे बढ़ती है, लेकिन इसकी लिखावट इतनी चुस्त है कि आप एक पल के लिए भी बोर नहीं होते. अमिताभ और तापसी के बीच की बहस किसी कानूनी लड़ाई से ज्यादा दिमागी शतरंज की तरह लगती है. हर जवाब में एक नया सवाल और हर खुलासे में एक नया रहस्य छिपा होता है.

अमिताभ बच्चन का 'बादल गुप्ता' वाला अंदाज- अमिताभ बच्चन ने एक ऐसे वकील की भूमिका निभाई है जिसने अपने 40 साल के करियर में एक भी केस नहीं हारा. उनकी आवाज की गंभीरता और उनके तर्क फिल्म में एक अलग ही वजन पैदा करते हैं. 'बदला' लेने की भावना और 'सच' को खोजने की उनकी जिद फिल्म के टाइटल को पूरी तरह सार्थक करती है.

तापसी पन्नू का रहस्यमयी किरदार- तापसी पन्नू ने 'नैना सेठी' के रूप में एक बेहद जटिल भूमिका निभाई है. उनके किरदार की परतों को समझना मुश्किल है—वह पीड़ित है या अपराधी? तापसी ने अपने चेहरे के हाव-भाव और सधी हुई एक्टिंग से दर्शकों को अंत तक संशय में रखा है, जो उनकी अभिनय क्षमता का एक और बेहतरीन प्रमाण है.

क्लाइमैक्स और ट्विस्ट- इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसका अंत है. जब आपको लगता है कि आपने गुत्थी सुलझा ली है, तभी कहानी एक ऐसा मोड़ लेती है जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है. फिल्म का क्लाइमैक्स न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि यह न्याय और बदले की एक नई परिभाषा भी गढ़ता है. यह हिस्सा दर्शकों को लंबे समय तक सोचने पर मजबूर कर देता है.

सुजॉय घोष का सधा हुआ निर्देशन- 'कहानी' फेम निर्देशक सुजॉय घोष थ्रिलर फिल्मों के उस्ताद माने जाते हैं. उन्होंने ग्लासगो (स्कॉटलैंड) की ठंडी और धुंधली लोकेशन्स का इस्तेमाल फिल्म के रहस्यमयी माहौल को और गहरा करने के लिए किया है. फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक और एडिटिंग इतनी सटीक है कि यह सस्पेंस की लय को टूटने नहीं देती.