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खामेनेई की मौत का जश्न मनाने वाली एक्ट्रेस को अपनी मौत का डर, कहा- ‘वे लोग मुझे…’

ईरान में चल रहे राजनीतिक संकट और मानवाधिकारों के हनन पर अभिनेत्री एलनाज नौरोजी ने एक बार फिर चुप्पी तोड़ी है. एलनाज ने हाल ही में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और वहां की हुकूमत के खिलाफ खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि मौजूदा 'इस्लामिक रिपब्लिक' सरकार के रहते वे अपने वतन वापस नहीं लौट सकतीं, क्योंकि वहां उनकी जान को खतरा है. एलनाज का मानना है कि ईरान के आम लोग और वहां के शासक दो अलग-अलग ध्रुव हैं, और मौजूदा सरकार ने ईरानी जनता की स्वतंत्रता को बंधक बना रखा है.

वतन वापसी पर मौत का खतरा- एलनाज ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि अगर वह आज ईरान में कदम रखती हैं, तो उन्हें मौत के घाट उतार दिया जाएगा. साल 2022 में माहसा अमीनी की मौत के बाद शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रहने और सरकार विरोधी बयानों के कारण वह ईरानी प्रशासन की हिट लिस्ट में हैं. उन्होंने बताया कि उनके परिवार को उनकी सुरक्षा की काफी चिंता रहती है.

माहसा अमीनी की मौत का दर्द- एलनाज अक्सर उस 22 साल की लड़की माहसा अमीनी का जिक्र करती हैं, जिसकी सितंबर 2022 में 'गलत तरीके से हिजाब पहनने' के आरोप में पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी. एलनाज का कहना है कि इसी घटना ने उन्हें अपने देश के दमनकारी कानूनों के खिलाफ बोलने के लिए मजबूर किया.

ईरान और इजराइल के रिश्ते- एलनाज ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि एक समय ईरान और इजराइल के रिश्ते बहुत अच्छे थे. उन्होंने 'सायरस द ग्रेट' का उदाहरण दिया जिन्होंने यहूदियों को मुक्त कराया था. एलनाज के मुताबिक, केवल वर्तमान शासक ही इजराइल को नक्शे से मिटाने की बात करते हैं, जबकि ईरान के शिक्षित लोग शांति और अच्छे अंतरराष्ट्रीय संबंधों के पक्षधर हैं.

बचपन में छोड़ा था ईरान- एलनाज का जन्म ईरान में हुआ था, लेकिन महज 8 साल की उम्र में उनके माता-पिता ने देश छोड़ दिया और जर्मनी जाकर बस गए. जर्मनी में मॉडलिंग की शुरुआत करने के बाद वह 20 साल की उम्र में भारत आईं. भले ही वह सालों से ईरान नहीं गई हैं, लेकिन आज भी उनके कुछ रिश्तेदार वहां रहते हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर वह डरी रहती हैं.

तानाशाही के खिलाफ जंग- एलनाज ने सीधे तौर पर अयातुल्ला खामेनेई को वहां होने वाली मौतों का जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा, "यह डिक्टेटरशिप (तानाशाही) है. लोग कई बार सड़कों पर आए और कहा कि वे इन्हें नहीं चाहते, लेकिन ये शासक हटने को तैयार नहीं हैं." उन्होंने खामेनेई की मौत की खबरों पर भी अपनी खुशी जाहिर की थी, जिसे लेकर वह काफी सुर्खियों में रहीं.