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Netflix पर आते ही तहलका मचा रही 1 घंटा 50 मिनट की ये धांसू फिल्म, कहानी में कॉमेड़ी का भी मिलेगा तड़का

ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने सिनेमा देखने का तरीका बदल दिया है. जहां अक्सर नई फिल्मों का इंतज़ार रहता है, वहीं कभी-कभी कोई पुरानी फिल्म अचानक डिजिटल दुनिया में लौटकर तहलका मचा देती है. ऐसी ही एक फिल्म है 'दम लगा के हईशा', जो अपनी रिलीज के 11 साल बाद एक बार फिर नेटफ्लिक्स (Netflix) की 'टॉप 10' ट्रेंडिंग लिस्ट में छाई हुई है.

सादगी भरी और रूहानी कहानी- 90 के दशक के हरिद्वार की पृष्ठभूमि पर बनी यह फिल्म प्रेम (आयुष्मान खुराना) और संध्या (भूमि पेडनेकर) की कहानी है. प्रेम एक स्कूल ड्रॉपआउट है जो वीडियो कैसेट की दुकान चलाता है, वहीं संध्या एक पढ़ी-लिखी लेकिन भारी शरीर वाली लड़की है. जबरदस्ती के इस बेमेल विवाह और उसके बाद उपजे भावनात्मक संघर्ष को फिल्म में बहुत ही खूबसूरती से दिखाया गया है.

आयुष्मान और भूमि का यादगार डेब्यू- यह फिल्म भूमि पेडनेकर की डेब्यू फिल्म थी, जिसके लिए उन्होंने वाकई में अपना वजन बढ़ाया था. आयुष्मान खुराना के साथ उनकी केमिस्ट्री इतनी नैचुरल और फ्रेश थी कि दर्शकों ने इस जोड़ी को तुरंत अपना लिया. फिल्म में संजय मिश्रा और शीबा चड्ढा जैसे मंझे हुए कलाकारों ने छोटे शहर के मध्यमवर्गीय परिवार के माहौल को जीवंत कर दिया.

नेशनल अवॉर्ड और बॉक्स ऑफिस पर सफलता- शरत कटारिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म का बजट मात्र 14 करोड़ रुपये था, लेकिन इसने बॉक्स ऑफिस पर 30 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर 'सुपरहिट' का टैग हासिल किया. फिल्म की गुणवत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे बेस्ट हिंदी फिल्म का नेशनल अवॉर्ड मिला और आज भी इसकी IMDb रेटिंग 7.5 है.

बॉडी शेमिंग और रिश्तों की गहराई- फिल्म केवल कॉमेडी नहीं है, बल्कि यह समाज में 'बॉडी शेमिंग' (शारीरिक बनावट पर मजाक उड़ाना) और शादी में आपसी समझ की अहमियत को भी दर्शाती है. फिल्म का वह क्लाइमैक्स, जहाँ प्रेम अपनी पत्नी को पीठ पर उठाकर दौड़ लगाता है, आज भी दर्शकों की आँखों में आँसू ले आता है.

नेटफ्लिक्स पर फिर से 'टॉप ट्रेंड'- 11 फरवरी 2026 को नेटफ्लिक्स पर दोबारा रिलीज होने के बाद यह फिल्म टॉप 10 लिस्ट में बनी हुई है. 11 साल पुरानी होने के बावजूद इसकी प्रासंगिकता कम नहीं हुई है. लोग इसे अपने परिवार के साथ घर बैठे एन्जॉय कर रहे हैं, जो यह साबित करता है कि अच्छी कहानियां कभी पुरानी नहीं होतीं.