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Netflix पर 1 घंटे 45 मिनट की धांसू मिस्ट्री थ्रिलर फिल्म, सस्पेंस देख हिल जाएगा दिमाग

अगर आप सस्पेंस और मिस्ट्री फिल्मों के शौकीन हैं, तो नेटफ्लिक्स (Netflix) पर मौजूद सिद्धार्थ मल्होत्रा और सोनाक्षी सिन्हा की फिल्म इत्तेफाक' (Ittefaq) आपके लिए एक 'मस्ट-वॉच' है. महज 1 घंटे 45 मिनट की यह फिल्म अपनी रफ्तार और उलझी हुई कहानी से आपका दिमाग घुमा देने के लिए काफी है.

1969 की कल्ट क्लासिक का आधुनिक रीमेक- यह फिल्म 1969 में आई इसी नाम की सुपरहिट फिल्म का रीमेक है. फिल्म की सबसे बड़ी खूबी इसका क्रिसप (Crisp) होना है. निर्देशक ने कहानी को इतनी खूबसूरती से बुना है कि दर्शक आखिरी सीन तक असली कातिल का अंदाजा नहीं लगा पाते. अक्षय खन्ना ने इसमें एक बेहद तेज-तर्रार पुलिस ऑफिसर की भूमिका निभाई है, जो इस गुत्थी को सुलझाने की कोशिश करता है.

दो कत्ल और विरोधाभासी बयान- फिल्म का प्लॉट एक डबल मर्डर मिस्ट्री के इर्द-गिर्द घूमता है. पुलिस के सामने दो मुख्य संदिग्ध हैं—विक्रम (सिद्धार्थ मल्होत्रा) और माया (सोनाक्षी सिन्हा). दोनों के पास कत्ल की रात की अपनी-अपनी कहानियां हैं और दोनों एक-दूसरे पर इल्जाम लगाते हैं. पुलिस के लिए यह तय करना एक बड़ी चुनौती बन जाता है कि कौन सच बोल रहा है और कौन शातिर अपराधी है.

बिना गानों वाली 'हटके' बॉलीवुड फिल्म- आमतौर पर बॉलीवुड फिल्मों में गानों की भरमार होती है जो अक्सर थ्रिलर की रफ्तार को धीमा कर देते हैं. लेकिन 'इत्तेफाक' की खासियत यह है कि इसमें एक भी गाना नहीं है. मेकर्स ने कहानी के सस्पेंस और पेसिंग (Pacing) को बनाए रखने के लिए गानों का सहारा नहीं लिया, जिससे फिल्म शुरू से अंत तक आपको स्क्रीन से बांधे रखती है.

शाहरुख खान निभाने वाले थे अक्षय खन्ना का रोल- इस फिल्म से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा यह है कि अक्षय खन्ना वाला पुलिस ऑफिसर का दमदार किरदार पहले शाहरुख खान को ऑफर किया गया था. शाहरुख इस रोल को करना चाहते थे, लेकिन उस समय वे अपनी फिल्मों 'फैन' और 'रईस' की शूटिंग में काफी व्यस्त थे. समय की कमी के कारण उन्होंने यह रोल छोड़ दिया, जिसके बाद यह फिल्म अक्षय खन्ना की झोली में आई और उन्होंने इसे यादगार बना दिया.

शानदार रेटिंग और दमदार परफॉर्मेंस- क्रिटिक्स और दर्शकों दोनों ने इस फिल्म की जमकर तारीफ की है. IMDb पर इसे 7.2 की शानदार रेटिंग मिली हुई है. अक्षय खन्ना की सधी हुई एक्टिंग और सिद्धार्थ-सोनाक्षी के बीच का तनावपूर्ण माहौल इसे हिंदी सिनेमा की बेहतरीन मिस्ट्री-थ्रिलर फिल्मों की लिस्ट में शामिल करता है.