Dharmendra Ancestral Property: बॉलीवुड एक्टर धर्मेंद्र अब हमारे बीच नहीं है, उनका 24 नवंबर को निधन हो गया. नवंबर महीने की शुरुआत से ही उनकी तबियत खराब थी. मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, जहां से उन्हें 12 नवंबर को डिस्चार्ज कर दिया गया था. इसके बाद घर पर ही उनका इलाज चल रहा था. लेकिन फिर 24 नवंबर को खबर आई कि धर्मेंद्र का निधन हो गया है. बीते दिनों ही उनके परिवार ने उत्तराखंड के हरकी पौड़ी की गंगा नदी में उनकी अस्थियां विसर्जित कर उन्हें आखिरी विदाई दी. इसी बीच धर्मेंद्र की खानदानी प्रॉपर्टी से जुड़ी खबर सामने आई है. दरअसल, धर्मेंद्र की खानदानी प्रोपर्टी के मालिक सनी या बॉबी नहीं बल्कि कोई और शख्स हैं.
धर्मेंद्र की पुश्तैनी जमीन
पंजाब, अपने गांव और खेती के लिए धर्मेंद्र का प्यार किसी से छिपा नहीं है. फिल्मों में काम करने के बाद धर्मेंद्र को जब समय मिलता था, वे अपने गांव और खेतों में समय बिताते थे. धर्मेंद्र का पैतृक घर और गांव लुधियाना से करीब 25 किलोमीटर दूर डांगों में था. यहीं उनकी खानदानी प्रॉपर्टी भी थी, जहां वे अक्सर आया जाया करते थे. धर्मेंद्र ने अपने गांव की पुश्तैनी जमीन अपने चचेरे भाई को दे दी थी. आज उस जमीन की देखभाल धर्मेंद्र का भतीजा बूटा सिंह देओल कर रहा है.
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धर्मेंद्र ने किसे दी अपनी पुश्तैनी जमीन?
धर्मेंद्र के भतीजे बूटा सिंह देओल ने एक बातचीत में बताया कि साल 2015-16 में जब धर्मेंद्र अपने गांव आए थे, उस समय उन्होंने अपने कजिन भाई मंजीत सिंह और शिंगारा सिंह को 19 कनाल और 3 मरला की पुश्तैनी जमीन (एक एकड़ 8 कनाल के बराबर होता है) दे दी थी. बूटा सिंह ने आगे बताया कि जब धर्मेंद्र मुंबई गए थे तब से उनके पिता और चाचा ने इस जमीन की देखभाल और खेती-बाड़ी की. उन्होंने ये भी बताया कि धर्मेंद्र उन्हें और अपने गांव को कभी नहीं भूले.
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धर्मेंद्र की भतीजे से मुलाकात
बूटा सिंह ने कहा कि वो हर साल पुश्तैनी जमीन से जुड़ी अपडेट देने के लिए अक्सर उनसे मिलने आते थे. दो महीने पहले ही वो धर्मेंद्र से मिलने बात हुई थी. बूटा सिंह ने बताया कि धर्मेंद्र साल 2019 में आखिरी बार अपने गांव आए थे. उस वक्त उनके बेटे सनी देओल ने गुरदासपुर से लोकसभा चुनाव लड़ा था. वो भी उनके चुनाव प्रचार में शामिल हुए थे.