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बॉलीवुड का वो एक्टर, जिसने अमिताभ बच्चन संग किया था डेब्यू; फिर भी नहीं मिला काम
बॉलीवुड में जब कोई नया कलाकार कदम रखता है, तो महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) के साथ अपनी पहली ही फिल्म करने का सपना देखना किसी लॉटरी लगने जैसा होता है. लेकिन फिल्म इंडस्ट्री जितनी चकाचौंध से भरी है, यहां का संघर्ष उतना ही अनिश्चितताओं से भरा है. आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसे ही दमदार और मंझे हुए अभिनेता अभिमन्यु सिंह (Abhimanyu Singh) की, जिन्होंने सिनेमा के 'शहंशाह' के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी. इसके बावजूद, एक समय ऐसा आया जब उन्हें काम के लिए दर-दर भटकना पड़ा और टीवी सीरियल्स तक में उन्हें कास्ट करने से मना कर दिया गया था.
मनोज बाजपेयी बने थे मददगार
अभिमन्यु सिंह ने बताया कि वे शुरुआती दिनों में थिएटर (नाटक) किया करते थे. एक बार उनके नाटक को देखने बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मनोज बाजपेयी आए थे. मनोज को उनका अभिनय इतना पसंद आया कि उन्होंने निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा को एक आगामी फिल्म के लिए अभिमन्यु का नाम सुझाया. स्क्रीन टेस्ट पास करने के बाद उन्हें फिल्म 'अक्स' में चुन लिया गया.
डेब्यू फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर हश्र
साल 2001 में आई सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म 'अक्स' (Aks) में अमिताभ बच्चन और मनोज बाजपेयी मुख्य भूमिकाओं में थे. इसी फिल्म से अभिमन्यु का डेब्यू हुआ. फिल्म की कहानी काफी अलग थी, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर यह बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई. अभिमन्यु के मुताबिक, फिल्म के फ्लॉप होते ही उनकी बेहतरीन एक्टिंग को भी नजरअंदाज कर दिया गया.
चार साल तक नहीं मिला कोई काम
अमूमन लोगों को लगता है कि अमिताभ बच्चन के साथ पहली फिल्म करने वाले का करियर चमक जाता है, लेकिन अभिमन्यु के साथ उल्टा हुआ. 'अक्स' के फ्लॉप होने के बाद उन्हें पूरे चार साल तक गंभीर बेरोजगारी का सामना करना पड़ा. वे काम के लिए भटकते रहे, पर कोई मेकर्स उन पर भरोसा नहीं जता रहा था. चार साल के लंबे इंतजार के बाद उन्हें रितिक रोशन स्टारर फिल्म 'लक्ष्य' में एक छोटा सा रोल मिला.
फ्लॉप होने पर एक्टिंग की वैल्यू नहीं
इंडस्ट्री के कड़वे सच पर बात करते हुए अभिमन्यु ने कहा कि अगर आपकी पहली फिल्म फ्लॉप हो जाए, तो आपकी कला की कोई कीमत नहीं रह जाती. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार पहली फिल्म फ्लॉप होने के बाद भी अगर कोई दूसरी फिल्म हिट हो जाती है, तो क्रिटिक्स और दर्शक तारीफ करते हैं (जैसे अनिल कपूर की तेजाब के समय हुआ था), लेकिन उनके मामले में काम मिलना ही बंद हो गया था.
साउथ सिनेमा में दबदबा और आगामी प्रोजेक्ट्स
हिंदी सिनेमा में लंबे संघर्ष के बाद अभिमन्यु सिंह ने साउथ (तेलुगु और तमिल) फिल्मों का रुख किया, जहां 'रक्त चरित्र' जैसी फिल्मों ने उन्हें एक खूंखार विलेन के रूप में स्थापित कर दिया. आज वे हिंदी और साउथ दोनों ही इंडस्ट्री का एक जाना-माना नाम हैं. आने वाले समय में वे सनी देओल स्टारर और राजकुमार संतोषी द्वारा निर्देशित मच-अवेटीड फिल्म 'बटवारा 1947' (पूर्व नाम: लाहौर 1947) में एक महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आ सकते हैं.