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OTT पर मौजूद 7 एपिसोड की धांसू सस्पेंस-थ्रिलर सीरीज, रहस्यों से भरी है पूरी कहानी

क्राइम थ्रिलर के शौकीनों के लिए सोनी लिव पर एक ऐसी सीरीज आई है, जिसे एक बार शुरू करने के बाद खत्म किए बिना उठना नामुमकिन है. 'कुट्ट्रम पुरिन्धवन: द गिल्टी वन' नाम की यह मलयालम सीरीज अपनी जबरदस्त कहानी और सस्पेंस के कारण हर तरफ छाई हुई है. मलयालम सिनेमा हमेशा से अपने मजबूत कंटेंट के लिए जाना जाता है, और यह सीरीज उस साख को और भी ऊंचा ले जाती है. इसमें न कोई फालतू का रोमांस है और न ही बेवजह का शोर, बस है तो शुद्ध रोमांच.

बिना फालतू ड्रामे के शुद्ध सस्पेंस- मलयालम सिनेमा की सबसे बड़ी खूबी उसकी सादगी और मजबूत कहानी होती है. इस सीरीज में भी आपको कोई फालतू का ग्लैमर, अश्लीलता या जबरदस्ती का रोमांस देखने को नहीं मिलेगा. यहां कहानी ही असली 'धुरंधर' है, जो दर्शकों को शुरू से अंत तक बांधे रखती है.

7 एपिसोड का रोमांचक सफर- यह सीरीज कुल 7 एपिसोड की है, और इसकी सबसे बड़ी ताकत इसका हर एक एपिसोड है. मेकर्स ने कहानी को इस तरह बुना है कि हर कड़ी खत्म होने पर आपको अगले एपिसोड की बेचैनी होने लगती है. ऐसा लगता है जैसे आप अपनी आंखों के सामने कोई असली क्राइम केस सुलझते हुए देख रहे हों.

हैरान कर देने वाले मोड़ (Twists)- सीरीज के कई सीन आपको पूरी तरह से सन्न कर देंगे. कहानी में कब क्या हो जाए, इसका अंदाजा लगाना बड़े-बड़े उस्तादों के लिए भी मुश्किल है. निर्देशक सेल्वमणि मुनियप्पन, जिन्होंने पहले 'पेंगुइन' जैसी फिल्म बनाई थी, उन्होंने यहां सस्पेंस का लेवल एक पायदान और ऊपर पहुंचा दिया है.

दमदार कलाकारों की टोली- सीरीज की सफलता में इसके कलाकारों का बहुत बड़ा हाथ है. लक्ष्मी प्रिया, पसुपति और विदार्थ जैसे मंझे हुए कलाकारों ने अपनी एक्टिंग से जान फूंक दी है. उनके चेहरे के हाव-भाव और संजीदा अभिनय आपको स्क्रीन से नजरें हटाने का मौका नहीं देंगे.

क्यों है यह 'मस्ट-वॉच' (Must-Watch)?- अगर आपको 'इरट्टा', 'पोर थोजिल' या 'सूक्ष्मदर्शनी' जैसी फिल्में पसंद आई हैं, तो यह सीरीज आपके लिए एक ट्रीट है. यह कहीं भी बोर नहीं करती और क्लाइमेक्स तक पहुंचते-पहुंचते आपको एक ऐसा 'शॉक' देती है जिसकी आपने कल्पना भी नहीं की होगी.