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Prime Video पर गर्दा उड़ा रही 2 घंटे 29 मिनट की ये तगड़ी मिस्ट्री थ्रिलर फिल्म, सस्पेंस देख चकरा जाएगा दिमाग

एक्शन और क्राइम थ्रिलर के प्रेमियों के लिए 'मालिक' एक रोंगटे खड़े कर देने वाली फिल्म है. यह कहानी इलाहाबाद (अब प्रयागराज) के बैकड्रॉप पर आधारित है, जहां एक सीधा-सादा लड़का 'दीपक' हालात के थपेड़ों के कारण जुर्म की दुनिया का बेताज बादशाह 'मालिक' बन जाता है. राजकुमार राव ने इस फिल्म में अपना अब तक का सबसे हिंसक और 'रॉ' अवतार दिखाया है. 2 घंटे 29 मिनट की यह फिल्म सत्ता, वफादारी और विश्वासघात के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका सस्पेंस आपके दिमाग को अंत तक उलझाए रखेगा.

एक आम इंसान के 'डॉन' बनने का सफर- फिल्म की कहानी 1980 के दशक के इलाहाबाद की है. दीपक (राजकुमार राव) एक किसान परिवार से है, लेकिन जब उसके पिता को ताकतवर लोगों द्वारा अपमानित किया जाता है, तो वह न्याय के लिए बंदूक उठा लेता है. एक छोटे से प्रतिशोध से शुरू हुआ यह सफर उसे पूरे शहर का 'मालिक' बना देता है. यह देखना दिलचस्प है कि कैसे एक मजबूर इंसान धीरे-धीरे खुद एक डर बन जाता है.

राजकुमार राव का घातक 'गैंगस्टर' अवतार- अब तक अपनी संजीदा और बगल वाले लड़के (Next-door boy) वाली छवि के लिए मशहूर राजकुमार राव ने इस फिल्म में 'गर्दा' उड़ा दिया है. लंबी दाढ़ी, आंखों में गुस्सा और भारी आवाज के साथ उन्होंने 'मालिक' के किरदार में जान फूंक दी है. उनके द्वारा किए गए एक्शन सीन और डायलॉग डिलीवरी फिल्म को एक 'धुरंधर' मसाला फिल्म बनाती है.

पुलिस और राजनीति का पेचीदा जाल- फिल्म में केवल मार-धाड़ ही नहीं है, बल्कि यह राजनीति और कानून के बीच के गठजोड़ को भी दिखाती है. प्रसेनजीत चटर्जी ने एक भ्रष्ट और शातिर पुलिस अधिकारी (प्रभु दास) की भूमिका निभाई है, जो 'मालिक' के साम्राज्य को गिराने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है. उनके और राजकुमार के बीच का 'चूहे-बिल्ली' का खेल फिल्म में तगड़ा सस्पेंस पैदा करता है.

मानुषी छिल्लर और अन्य कलाकारों का प्रभाव- मानुषी छिल्लर ने फिल्म में 'शालिनी' (मालिक की पत्नी) का किरदार निभाया है, जो फिल्म के हिंसक माहौल में एक इमोशनल ठहराव लेकर आती हैं. साथ ही सौरभ शुक्ला, सौरभ सचदेवा और स्वानंद किरकिरे जैसे मंझे हुए कलाकारों ने कहानी की हर कड़ी को मजबूती दी है. हर किरदार का अपना एक राज है, जो धीरे-धीरे फिल्म की मिस्ट्री को बढ़ाता है.

वो क्लाइमैक्स जो आपके होश उड़ा देगा- फिल्म का अंत वह नहीं है जिसकी आप उम्मीद करते हैं. विश्वासघात और 'अपनों' की साजिशों के बीच जब क्लाइमैक्स आता है, तो वह दर्शकों को सन्न कर देता है. 60 करोड़ के हीरों की चोरी से लेकर सत्ता के शीर्ष तक पहुंचने की यह कहानी अंत में एक ऐसा ट्विस्ट देती है, जिसे देखकर आपका दिमाग घूम जाएगा. यह हिस्सा फिल्म का सबसे बड़ा 'मास्टरस्ट्रोक' है.