A R Rahman Controversy: बॉलीवुड के जाने-माने म्यूजिक कंपोजर-सिंगर एआर रहमान अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं. हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू दिया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर हलचल मच गई. दरअसल इंटरव्यू के दौरान एआर रहमान ने फिल्मों और धर्म को लेकर बात की. इस दौरान उन्होंने कुछ ऐसा बोल दिया कि स्टार्स से लेकर नेता तक इसको लेकर रिएक्शन देते नजर आए. सबसे पहले आइए जानते हैं कि एआर रहमान ने कहा क्या.
किस बात से मचा कोहराम
बीबीसी एशियन को दिए इंटरव्यू में एआर रहमान ने कहा कि अब म्यूजिक इंडस्ट्री में टैलेंट से ज्यादा कुछ और चलता है. उनके मुताबिक, इंडस्ट्री की कमान ऐसी लोगों के हाथ में है जो न तो खुद क्रिएटिव हैं और न ही दूसरों की क्रिएटिविटी को समझते हैं. इसके अलावा धर्म भी एक बड़ा कारण है. लोग सामने तो कुछ नहीं कहते, लेकिन पीठ पीछे कानाफूसी करते हैं. आगे रहमान ने कहा कि उन्हें धीरे-धीरे फिल्मी और संगीत की दुनिया में सांप्रदायिकता का असर बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है, जो उनके काम पर भी असर डाल रहा है. फिल्म ‘छावा’ पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ये फिल्म लोगों को ‘बांटने वाली’ है. उन्हें लगता है कि इसने समाज के बंटवारे का फायदा उठाया, हालांकि फिल्म का मकसद बहादुरी दिखाना था.
जावेद अख्तर ने क्या कहा
रहमान के इसी बयान को लेकर तरह-तरह के रिएक्शन सामने आ रहे हैं. जावेद अख्तर ने न्यूज एजेंसी IANS से बात करते हुए कहा कि मुंबई में रहते हुए और इंडस्ट्री के लोगों से मिलते-जुलते हुए उन्हें कभी किसी तरह का भेदभाव महसूस नहीं हुआ. फिल्म इंडस्ट्री में हर कोई रहमान की प्रतिभा का कायल है और उनका पूरा सम्मान करता है. जावेद ने साफ कहा कि वे सांप्रदायिकता या भेदभाव की किसी भी बात से सहमत नहीं हैं. उन्होंने आगे कहा कि कई लोग यह सोच सकते हैं कि रहमान अंतरराष्ट्रीय शो और बड़े प्रोजेक्ट्स में इतने व्यस्त रहते हैं कि वे ज्यादा उपलब्ध नहीं हो पाते. इन शो में बहुत समय और मेहनत लगती है, इसलिए वे भारतीय फिल्मों के लिए कम समय दे पाते हैं. उन्होंने ये भी कहा कि रहमान का कद इतना बड़ा है कि छोटे-मोटे प्रोड्यूसर भी उनसे संपर्क करने में हिचकिचाते हैं. जावेद ने फिर कहा कि इसमें कोई सांप्रदायिकता नहीं है, बस व्यस्तता की वजह से ऐसा होता है. वे चाहते हैं कि लोग खुद उनसे संपर्क करें, क्योंकि रहमान जरूर जवाब देंगे.
कंगना रनौत ने एआर रहमान को बताया ‘नफरती’
वहीं दूसरी ओर कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एआर रहमान के इंटरव्यू का वीडियो शेयर कर उनकी खूब आलोचना की. कंगना ने लिखा कि एआर रहमान जी, फिल्म इंडस्ट्री में मुझे बहुत भेदभाव और पक्षपात झेलना पड़ता है क्योंकि मैं भगवा पार्टी का समर्थन करती हूं. लेकिन फिर भी मुझे कहना पड़ेगा कि मैंने आपसे ज्यादा नफरत करने वाला और भेदभाव करने वाला कोई इंसान नहीं देखा. एक्ट्रेस ने आगे कहा कि ‘मैं आपको अपनी डायरेक्टोरियल फिल्म ‘इमरजेंसी’ की कहानी सुनाना चाहती थी. कहानी सुनाने की तो बात दूर, आपने मुझसे मिलने से भी इनकार कर दिया. मुझे बताया गया कि आप किसी प्रोपेगेंडा फिल्म का हिस्सा नहीं बनना चाहते. मजे की बात ये है कि ‘इमरजेंसी’ को सभी क्रिटिक्स ने मास्टरपीस कहा. विपक्षी पार्टी के नेता भी फिल्म की तारीफ करते हुए मुझे फैन लेटर भेज चुके हैं. उन्होंने फिल्म के संतुलित और दयालु नजरिए की सराहना की थी. लेकिन आप अपनी नफरत में इतने अंधे हो गए हैं कि ये सब नहीं देख पाए. मुझे आपके लिए बहुत दुख होता है.’
शान ने कही ये बात
इस मामले पर IANS से बातचीत के दौरान सिंगर शान ने कहा “काम न मिलने की बात करें तो मैं यहीं आपके सामने खड़ा हूं. मैंने इतने सालों में इतना कुछ गाया है, फिर भी कई बार मुझे भी काम नहीं मिलता. लेकिन मैं इसे व्यक्तिगत रूप से नहीं लेता, क्योंकि यह निजी मामला है; हर किसी की अपनी सोच और अपनी पसंद होती है.”
राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा
फिल्मी सितारों के अलावा राजनीतिक नेताओं ने भी रहमान के बयान पर अपना रिएक्शन शेयर किया. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रहमान के समर्थन में बयान दिया. उन्होंने कहा कि वह एआर रहमान के बहुत बड़े प्रशंसक रहे हैं. उन्होंने कहा कि एआर रहमान देश और दुनिया के बड़े कलाकार हैं और कला, संगीत व संस्कृति को धर्म या भेदभाव के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए. वहीं बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जयसवाल ने रहमान के बयान को खारिज करते हुए कहा कि कुछ लोगों के दिमाग में बेवजह हिंदू-मुस्लिम की बातें घूमती रहती हैं. देश में ऐसी कोई स्थिति नहीं है और यहां सबका साथ, सबका विकास की नीति पर काम हो रहा है. ऐसे कई तरह के बयान आ रहे हैं.