Rajpal Yadav News: राजपाल यादव के लिए उनका डायरेक्टोरियल डेब्यू किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा. जिस फिल्म के जरिए उन्होंने निर्देशन की दुनिया में बड़ा नाम कमाने का सपना देखा था, उसी ने उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा दिया. बावजूद इसके, राजपाल यादव का हौसला डगमगाया नहीं है और वे एक बार फिर ‘राजपाल नौरंग यादव वेंचर्स’ के जरिए बड़े पर्दे और ओटीटी पर धमाका करने की तैयारी में हैं.
अता पता लापता: एक अनोखी कहानी
साल 2012 में राजपाल यादव ने ‘अता पता लापता’ नाम की फिल्म से निर्देशन में कदम रखा. यह एक ‘म्यूजिकल सैटायर’ थी, जिसकी कहानी एक ऐसे शख्स (माधव चतुर्वेदी) के इर्द-गिर्द घूमती थी, जिसका पूरा घर ही चोरी हो गया था. फिल्म में ओम पुरी, आशुतोष राणा और असरानी जैसे दिग्गज कलाकार शामिल थे, लेकिन यह बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही.
कर्ज का वो जाल जिसने मुश्किलें बढ़ाईं
फिल्म बनाने के लिए राजपाल ने दिल्ली की एक कंपनी से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था. फिल्म फ्लॉप होने के कारण वे यह रकम चुका नहीं पाए. समय के साथ ब्याज और कानूनी खर्च जुड़ते गए और यह कर्ज बढ़कर 9 करोड़ रुपये हो गया. यही वह कर्ज था जिसने उनकी निजी और पेशेवर जिंदगी में तूफान ला दिया.
चेक बाउंस और जेल का सफर
कर्ज चुकाने के लिए दिए गए चेक बाउंस होने के बाद मामला कोर्ट पहुंचा. लंबी कानूनी लड़ाई के बाद, इसी साल 5 फरवरी 2026 को राजपाल यादव ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में सरेंडर किया. हालांकि, ढाई करोड़ रुपये जमा करने के बाद उन्हें 18 मार्च 2026 तक अंतरिम जमानत मिल गई है.
पस्त नहीं हुआ है हौसला
जेल के अनुभवों के बाद भी राजपाल यादव ने हार नहीं मानी है. उन्होंने हाल ही में बताया कि उनकी प्रोडक्शन कंपनी के पास कई बड़े प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं. आने वाले 5 सालों में वे कई फिल्में और वेब सीरीज लेकर आने वाले हैं. वे न केवल एक्टिंग बल्कि पर्दे के पीछे भी मजबूती से सक्रिय रहेंगे.
बॉक्स ऑफिस का कड़वा सच
फिल्म ‘अता पता लापता’ को बनाने में करीब 11 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, जबकि फिल्म की कुल कमाई महज 38 लाख रुपये रही. यह घाटा राजपाल यादव के करियर का सबसे बड़ा आर्थिक झटका साबित हुआ, जिससे उबरने में उन्हें एक दशक से ज्यादा का समय लग गया.