Mamta Kulkarni: बॉलीवुड की पूर्व अभिनेत्री ममता कुलकर्णी एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई फिल्म नहीं बल्कि एक बड़ा विवाद है. अध्यात्म की राह पर चलने का दावा करने वाली ममता को ‘किन्नर अखाड़े’ से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. उन्होंने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ कुछ ऐसी बातें कहीं, जो अखाड़े को रास नहीं आईं. अखाड़े के पदाधिकारियों का कहना है कि अनुशासनहीनता और संतों के अपमान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. आइए जानते हैं आखिर क्या है पूरा माजरा…
क्यों हुई अखाड़े से छुट्टी?
किन्नर अखाड़े ने ममता कुलकर्णी को निष्कासित करने का फैसला अचानक नहीं लिया. दरअसल, ममता ने पिछले कुछ दिनों में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर कई विवादास्पद बयान दिए थे. उन्होंने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से उन पर उंगली उठाई थी. किन्नर अखाड़े के प्रमुख संतों का मानना है कि ममता के इन बयानों से न केवल स्वामी जी की छवि खराब हुई, बल्कि अखाड़े की परंपरा और मर्यादा को भी ठेस पहुंची है.
अखाड़े का क्या कहना है?
अखाड़े के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब कोई व्यक्ति किसी धार्मिक संस्था या अखाड़े से जुड़ता है, तो उसे वहां के नियमों और अनुशासन का पालन करना पड़ता है. संतों का सम्मान भारतीय संस्कृति की नींव है. ममता कुलकर्णी ने जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया, वह एक साध्वी या आध्यात्मिक मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति को शोभा नहीं देता. इसी के चलते सर्वसम्मति से उन्हें अखाड़े से बाहर करने का निर्णय लिया गया.
कौन हैं स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद?
जिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर ममता ने टिप्पणी की, वे हिंदू धर्म के एक प्रतिष्ठित संत हैं. वे ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य हैं और देश-दुनिया में उनके लाखों अनुयायी हैं. उनके खिलाफ बोलना सीधे तौर पर सनातन धर्म की परंपराओं से जुड़े लोगों को नाराज करने जैसा था. अखाड़े को लगा कि अगर ममता को नहीं रोका गया, तो इससे समाज में गलत संदेश जाएगा.
ममता कुलकर्णी ने इंस्टाग्राम पोस्ट किया
पूर्व अभिनेत्री ने ममता कुलकर्णी ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में भी लिखा है कि उनका इस्तीफा 27 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा. इसके साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि यह निर्णय उन्होंने पूरी स्वेच्छा और सही मानसिक स्थिति में लिया है. इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि उनका कोई मतभेद डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी या अखाड़े के किसी सदस्य से नहीं है और सभी के प्रति उनका सम्मान और आभार है.
ग्लैमर से अध्यात्म और फिर विवाद
ममता कुलकर्णी 90 के दशक की मशहूर अभिनेत्री रही हैं. सालों पहले उन्होंने ग्लैमर की दुनिया छोड़कर अध्यात्म का रास्ता चुना था और ‘योगिनी’ बनने का दावा किया था. किन्नर अखाड़े से उनका जुड़ना भी काफी सुर्खियों में रहा था, लेकिन अब यह सफर खत्म हो गया है.