---विज्ञापन---
फिल्म इंडस्ट्री का वो सुपरस्टार, जिसके नाम है साल में सबसे ज्यादा फिल्में करने का रिकॉर्ड; अक्षय कुमार भी नहीं है आस-पास

मलयालम सिनेमा के 'एवरग्रीन हीरो' कहे जाने वाले प्रेम नजीर के नाम दुनिया के सबसे अनोखे और अविश्वसनीय गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स दर्ज हैं. एक ऐसे दौर में जब फिल्में बनाना आज की तरह तकनीकी रूप से आसान नहीं था, प्रेम नजीर ने अपनी मेहनत से वह मुकाम हासिल किया जिसने उन्हें भारतीय सिनेमा का सबसे व्यस्त और सफल अभिनेता बना दिया. वे केवल एक एक्टर नहीं, बल्कि एक पूरी संस्था थे, जिन्होंने 700 से अधिक फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाई. उनकी रफ्तार के सामने आज के दौर के मेगास्टार्ट्स भी पीछे नजर आते हैं.

एक साल में 39 फिल्मों का हैरतअंगेज रिकॉर्ड- प्रेम नजीर के नाम एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाने का विश्व रिकॉर्ड है. साल 1979 में उनकी कुल 39 फिल्में रिलीज हुई थीं. यानी हर महीने लगभग 3 फिल्में! आज के दौर में जहां बड़े सितारे साल में एक या दो फिल्में करते हैं, वहां प्रेम नजीर की यह रफ्तार किसी अजूबे से कम नहीं लगती.

सबसे ज्यादा फिल्मों में लीड रोल का वर्ल्ड रिकॉर्ड- प्रेम नजीर ने अपने करियर में 700 से अधिक फिल्मों में नायक (Lead Actor) के रूप में काम किया. यह भी एक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड है. उन्होंने जिस समर्पण और ऊर्जा के साथ दशकों तक काम किया, वह फिल्म जगत में किसी मिसाल से कम नहीं है. उन्होंने हर तरह के जॉनर—चाहे वो माइथोलॉजी हो, मिस्ट्री हो या रोमांस—में अपनी धाक जमाई.

एक ही अभिनेत्री के साथ 130 फिल्में- सिल्वर स्क्रीन पर प्रेम नजीर की जोड़ी अभिनेत्री शीला के साथ इतनी लोकप्रिय थी कि उन्होंने साथ में 130 फिल्मों में काम किया. यह भी एक विश्व रिकॉर्ड है. दर्शकों के बीच उनकी केमिस्ट्री का ऐसा 'गर्दा' था कि निर्माता-निर्देशक इसी जोड़ी को लेकर फिल्में बनाना सबसे सुरक्षित निवेश मानते थे.

80 अभिनेत्रियों के साथ किया काम- प्रेम नजीर ने अपने लंबे करियर में लगभग 80 अलग-अलग अभिनेत्रियों के साथ मुख्य भूमिका निभाई. यह उनकी वर्सटैलिटी को दर्शाता है कि वे हर पीढ़ी की अभिनेत्री के साथ पर्दे पर उतने ही सहज और प्रभावी नजर आते थे. उनकी लोकप्रियता का आलम यह था कि उनके नाम से ही फिल्में सिनेमाघरों में हाउसफुल हो जाया करती थीं.

पद्म भूषण से सम्मानित और राजनीतिक सफर- सिर्फ फिल्मों में ही नहीं, प्रेम नजीर को उनकी कला और समाज सेवा के लिए भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण और पद्म श्री से सम्मानित किया गया था. उन्होंने राजनीति में भी कदम रखा, हालांकि उनका मुख्य कार्यक्षेत्र हमेशा सिनेमा ही रहा. साल 1989 में उनके निधन के साथ ही भारतीय सिनेमा के एक सुनहरे और 'सुपरफास्ट' युग का अंत हो गया.